नवादा पुलिस को बड़ी सफलता: लूटकांड का वांछित आरोपी और फर्जी लोन देने वाला साइबर ठग को किया गिरफ्तार

नवादा की वारिसलीगंज थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने लूटकांड के वांछित कुख्यात अपराधी समेत एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है....

नवादा पुलिस को बड़ी सफलता: लूटकांड का वांछित आरोपी और फर्जी
नवादा पुलिस को बड़ी सफलता- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले की वारिसलीगंज थाना पुलिस ने अपराधियों और साइबर ठगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर एक कुख्यात लुटेरे और ग्राहकों को लोन का झांसा देकर ठगने वाले एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है।


रेस्टोरेंट संचालक से लूटकांड का महज 5 घंटे में खुलासा

पहला मामला 15 जुलाई की रात का है। बलवापर निवासी विपिन कुमार अलीगंज स्थित अपने होटल 'किचन किंग फैमिली रेस्टोरेंट' से काम निपटाकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान लोदीपुर और मोसमा के बीच तीन बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेरकर लूटपाट की थी। पीड़ित विपिन कुमार ने 20 जुलाई को वारिसलीगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई (कांड संख्या 503/26)।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और महज पांच घंटे के भीतर ठेरा (वारिसलीगंज) निवासी नामजद आरोपी शिवम कुमार को धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से लूटे गए 1,000 रुपये नकद और एक एंड्रॉइड मोबाइल बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, शिवम का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वारदात में शामिल अन्य फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।


फर्जी सिम और मोबाइल के साथ दबोचा गया फर्जी लोन बांटने वाला साइबर ठग

दूसरी सफलता पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान मिली। 21 जुलाई की मध्यरात्रि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गोड़ापर गांव में एक साइबर ठग सक्रिय है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने गांव में छापेमारी कर 21 वर्षीय अविनाश कुमार (पिता- कैलाश मांझी) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन और एक फर्जी सिम कार्ड बरामद किया गया है।


कंपनियों के नाम पर ऐसे रचता था ठगी का जाल

कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी अविनाश ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह बजाज फाइनेंस और रिलायंस फाइनेंस जैसी नामी कंपनियों के नाम पर आम लोगों को सस्ते दर पर लोन दिलाने का झांसा देता था। वह ग्राहकों के निजी डेटा और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर उन्हें फोन करता था और प्रोसेसिंग फीस व अन्य शुल्कों के नाम पर ठगी को अंजाम देता था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 505/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट