Bihar News: जेल में बंद कैदी की मौत, अचानक बिगड़ी तबीयत, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप, मचा बवाल
Bihar News: नवादा में जेल में बंद कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई जिसके बाद आनन फानन में उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया लेकिन इलाज के दौरान कैदी की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है।
Bihar News: बिहार के नवादा से बड़ी खबर सामने आ रहा है। जहां एक कैदी की मौत इलाज के दौरान हो गया है। बताया जा रहा है कि कैदी की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही जांच की मांग भी की है।
कैदी की मौत से बवाल
दरअसल, पूरा मामला नवादा मंडल कारा का है। जहां बंद एक कैदी की मेडिकल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान हिसुआ थाना क्षेत्र के बाजार तेली टोला निवासी 55 वर्षीय मनोज साव उर्फ टुनटुन साव के रूप में हुई है। परिवार ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि जेल अधिकारियों ने इसे प्राकृतिक मौत बताया है। जानकारी अनुसार मनोज साव को 21 दिसंबर 2025 को शाम 6 बजे हिसुआ पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार किया था। अगले दिन 22 दिसंबर को उन्हें जेल भेज दिया गया था।
ठंड लगने से मौत?
बताया जा रहा है कि, मंगलवार को ठंड में नहाने के बाद कपड़े बदलते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह गिर गया। जेल प्रशासन ने तुरंत उसे नवादा सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां कैदी का ब्लड प्रेशर 210 पाया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि पुलिस अभिरक्षा में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप
इस घटना को लेकर जेल सुपरिंटेंडेंट सुशील कुमार ने बताया कि कैदी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था और हर संभव प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि ठंड में नहाने के बाद अचानक गिरने से यह घटना हुई। मौत के सटीक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चलेगा। दूसरी ओर, मृतक की पत्नी संजू देवी ने बताया कि मनोज को कोई बीमारी नहीं थी। उन्हें जेल से अचानक फोन आया, जिसके बाद वे सदर अस्पताल पहुंचीं और वहां उन्हें मनोज की मौत की जानकारी मिली।
जेल प्रशासन पर उठे सवाल
पुत्र सन्नी कुमार ने बताया कि उसने 28 दिसंबर को अपने पिता से मुलाकात की थी, तब वे पूरी तरह स्वस्थ थे। परिवार ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। यह घटना जेलों में कैदियों की स्वास्थ्य सुविधाओं और उनकी निगरानी पर सवाल उठाती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
नवादा से अमन की रिपोर्ट