रक्षाबंधन ऑफर और लोन के नाम पर साइबर ठगी करने वाले 6 शातिर गिरफ्तार, 11 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद
साइबर क्राइम मामले में नवादा पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने रक्षाबंधन ऑफर और विभिन्न कंपनियों के लोन दिलाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करने वाले 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है....
Nawada : जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहिउद्दीनपुर गांव के समीप छापेमारी कर 6 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अविनाश धीमान के सख्त निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 11 महंगे एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से इलाके के साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
रक्षाबंधन ऑफर और बजाज-रिलायंस फाइनेंस लोन का झांसा देकर बनाते थे शिकार
गिरफ्तार साइबर अपराधी बेहद शातिराना अंदाज में लोगों को अपना शिकार बनाते थे। आरोपी रक्षाबंधन के अवसर पर आकर्षक ऑफर और बजाज फाइनेंस व रिलायंस फाइनेंस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों से आसान लोन दिलाने का झांसा देते थे। अपराधियों के पास आम लोगों का विस्तृत कस्टमर डाटा उपलब्ध रहता था, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर और पते दर्ज थे। इसी डाटा के सहारे वे कॉल कर लोगों को ठगी के जाल में फंसाते थे।
थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई, गम्भीरपुर गांव के रहने वाले हैं सभी आरोपी
छापेमारी टीम का नेतृत्व वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने किया, जिसमें पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपियों की पहचान गम्भीरपुर गांव निवासी पंकज कुमार, लक्ष्मण कुमार, नितीश कुमार, कुन्दन कुमार, तरूण कुमार और पिन्टु कुमार के रूप में हुई है।
BNS और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज, विधिक कार्रवाई शुरू
इस मामले में वारिसलीगंज थाने में मामला दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा आईटी एक्ट की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
बरामद मोबाइलों की जांच से खुलेगा पूरा नेटवर्क, गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस वारिसलीगंज पुलिस अब जब्त किए गए सभी 11 एंड्रॉयड मोबाइल फोन की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइलों की कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और बैंक खातों के विवरण से गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के विस्तृत नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट