नवादा पुलिस का बड़ा एक्शन: झारखंड के 3 शातिर साइबर ठग गिरफ्तार, ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा"
पकरीबरावां पुलिस ने छापेमारी कर 3 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को दबोचा। इनके पास से 14 मोबाइल, 25 ATM और 22 पासबुक बरामद हुई हैं। ऑनलाइन गेमिंग से करते थे ठगी।
Nawada - वादा जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र के सिलौर गांव में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। बीती रात गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने यमुना राय के घर पर छापेमारी की। पुलिस को खबर मिली थी कि यहाँ अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों का एक बड़ा गिरोह जमावड़ा लगाए हुए है और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहा है।
झारखंड से नवादा तक फैला था नेटवर्क
छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें दो अपराधी झारखंड के धनबाद (झरिया) के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान सुजल कुमार और राजो रब्बानी के रूप में हुई है। वहीं, तीसरा अपराधी आयुष्मान कुमार नवादा के कौवाकोल थाना क्षेत्र का रहने वाला है। यह गिरोह झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहकर बड़े पैमाने पर डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था।

भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य और बैंकिंग दस्तावेज बरामद
एसडीपीओ राकेश कुमार भास्कर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पकड़े गए अपराधियों के पास से साइबर ठगी का पूरा "सेटअप" बरामद हुआ है। पुलिस ने इनके पास से 14 स्मार्टफोन, 2 लैपटॉप, 25 एटीएम कार्ड, 22 पासबुक, 16 सिम कार्ड और एक एयरटेल राउटर बरामद किया है। सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी तीन डेटा रजिस्टर की है, जिसमें ठगी किए गए लोगों और उनके बैंक खातों का विस्तृत विवरण दर्ज है।
ऑनलाइन गेमिंग बना ठगी का नया हथियार
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह लोगों को ऑनलाइन गेमिंग के जरिए कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देता था। एक बार जब व्यक्ति इनके जाल में फंस जाता, तो ये उसके बैंकिंग विवरण हासिल कर खाते से पैसे उड़ा लेते थे। पुलिस ने इस मामले में पकरीबरावां थाना में कांड संख्या 16/2026 दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।