15 साल पुराने भ्रष्टाचार केस में निगरानी का बड़ा एक्शन : जाली दस्तावेज के सहारे वेतन उठाने वाला बर्खास्त सिपाही गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

नवादा जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक बर्खास्त सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है।

15 साल पुराने भ्रष्टाचार केस में निगरानी का बड़ा एक्शन : जाली

Nawada - : भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक वांछित वारंटी विनोद कुमार यादव (उर्फ जागेश्वर यादव उर्फ जागो यादव) को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। अभियुक्त को 15 फरवरी 2026 को नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र स्थित गंगटा गांव से दबोचा गया। 

क्या है पूरा घोटाला?

गिरफ्तार विनोद कुमार यादव बिहार सैन्य पुलिस (BMP), डिहरी-2, रोहतास का बर्खास्त सिपाही (संख्या-323) था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अन्य लोक सेवकों के साथ मिलीभगत कर जाली दस्तावेज तैयार किए और अवैध रूप से सेवा में वापसी कर वेतन प्राप्त किया। इतना ही नहीं, पकड़े जाने के डर से साक्ष्यों को मिटाने के लिए उन्होंने संबंधित मूल संचिका (File) को भी गायब कर दिया था। 

कानूनी शिकंजा और गिरफ्तारी

यह मामला निगरानी थाना कांड संख्या-53/2009 के तहत दर्ज है। जांच के बाद 11 जून 2024 को उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। जब अभियुक्त न्यायालय के समन पर उपस्थित नहीं हुए, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। नवादा पुलिस अधीक्षक के सहयोग और जिला पुलिस के विशेष प्रयासों के बाद अंततः उन्हें उनके पैतृक गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। 

न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए आरोपी

आज, 16 फरवरी 2026 को निगरानी ब्यूरो ने अभियुक्त विनोद कुमार यादव को पटना स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

रिपोर्ट - अमन सिन्हा