Bihar News : DRI ने पकड़ा स्मैक तस्करी का हाईटेक तरीका, बाइक के गुप्त कैविटी से 31 किलो चरस किया जब्त, एक तस्कर को किया गिरफ्तार
PATNA : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) की पटना क्षेत्रीय इकाई ने सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े और सुनियोजित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एक सटीक खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने छपवा-तुरकौलिया रोड के पास एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रोका। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल पर लदी जूट की बोरी से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया गया, जिसे फील्ड टेस्टिंग किट से जांचने पर उच्च गुणवत्ता वाली चरस होने की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान तस्करी के लिए अपनाए गए शातिर और आधुनिक तरीके को देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। तस्करों ने मोटरसाइकिल के पेट्रोल टैंक के भीतर एक विशेष गुप्त कैविटी (तहखाना) बना रखा था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके। इतना ही नहीं, मोटरसाइकिल चलाने के लिए सीट के भीतर अलग से एक सहायक ईंधन प्रणाली (Assistant Fuel System) भी फिट की गई थी। यह तकनीकी कलाबाजी दर्शाती है कि सीमा पार तस्करी के लिए तस्कर किस कदर सुनियोजित तरीके अपना रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान DRI ने कुल 31.097 किलोग्राम चरस जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 77,74,250 रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने नशीले पदार्थ के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और अन्य सामान को भी जब्त कर लिया है। मौके से पकड़े गए व्यक्ति को एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम, 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
DRI पटना ने इस कार्रवाई के जरिए बिहार में सक्रिय चरस तस्करी के गिरोहों को करारा झटका दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों पर नजर डालें तो विभाग ने अब तक कई बड़ी छापेमारी कर कुल 107 किलोग्राम चरस बरामद की है। इन लगातार हो रही ज़ब्तियों ने नेपाल सीमा से सटे इलाकों में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार और उनके सिंडिकेट के संचालन की कमर तोड़ दी है।
फिलहाल, इस मामले में DRI के अधिकारी पकड़े गए आरोपी से गहन पूछताछ कर रहे हैं। विभाग को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से तस्करी के पीछे के मुख्य सरगनाओं और सीमा पार के नेटवर्क के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल होंगी। सुरक्षा एजेंसियां अब सीमावर्ती इलाकों में अपनी निगरानी और अधिक सख्त कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह के अवैध व्यापार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
अनिल की रिपोर्ट