Bihar News: पटना में नशे का 'काला साम्राज्य'! एक साथ मिले 76 हजार नशीले इंजेक्शन, माफियाओं में मचा हड़कंप
Bihar News: औषधि विभाग की टीम और पटना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान करीब 76 हजार प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त किए गए हैं।
Bihar News: राजधानी पटना में नशीली दवाओं के बढ़ते नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 76 हजार प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किया है। जानकारी अनुसार औषधि विभाग की टीम और पटना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान करीब 76 हजार प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। इस मामले में दो आरोपित मंटू और विकास को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार बताया जा रहा है।
पार्सल के जरिए हो रही थी तस्करी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नशीली दवाओं की तस्करी पार्सल के माध्यम से दूसरे राज्यों से की जा रही थी। इसके बाद इन्हें स्थानीय स्तर पर सप्लाई किया जाता था। मामले का खुलासा चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र से हुआ, जिसके बाद बाईपास थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई। पुलिस ने एक टेंपो से झोले में रखे नशीले इंजेक्शन और टैबलेट के साथ विकास को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर बाईपास इलाके के गोदाम में छापा मारा गया, जहां से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं।
युवाओं पर बढ़ता खतरा
इस मामले में कुल 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से 4 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक, इस तरह की नशीली दवाओं के जाल में तेजी से युवा फंस रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस फरार मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
कंपनियों पर भी कार्रवाई
जांच में सामने आया है कि जब्त इंजेक्शन ‘नारोडियन फार्मासिस्ट’ नामक कंपनी द्वारा निर्मित थे, जबकि इनकी मार्केटिंग ‘क्विक फार्मा’ एजेंसी के माध्यम से की जा रही थी। दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के पीछे रवि और नीरज नाम के दो मुख्य आरोपी हैं, जिन्हें इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है।