लालू यादव के रहे राम और श्याम में विधानसभा में तीखी बहस, मंत्री ने सिरे से ख़ारिज की मांग

अब दोनों नेता लालू यादव से अलग हो चुके हैं. रामकृपाल यादवभाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर आए हैं. वहीं श्याम रजक ने जदयू के टिकट पर फुलवारीशरीफ से चुनाव जीता है.

Ramkripal Yadav and Shyam Rajak
Ramkripal Yadav and Shyam Rajak - फोटो : news4nation

Bihar Budget :  एक दौर में राजद सुप्रीमो लालू यादव के राम और श्याम कहे जाने वाले रामकृपाल यादव और श्याम रजक के बीच गुरुवार को बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान तीखी बहस हुई. अब दोनों नेता लालू यादव से अलग हो चुके हैं. रामकृपाल यादव इस बार दानापुर से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर आए हैं और नीतीश सरकार में कृषि मंत्री हैं. वहीं श्याम रजक ने जदयू के टिकट पर फुलवारीशरीफ से चुनाव जीता है.

 

दरअसल, जदयू के विधायक श्याम रजक ने सदन में फुलवारीशरीफ के हिंदूनी में सब्जी मंडी खोलने संबंधी सवाल पूछा था. जवाब में बीजेपी से दानापुर के विधायक और कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने APMC एक्ट के तहत राज्य भर में मंडी के हो रहे कार्यों की जानकारी दी.इस पर श्याम रजक ने कहा कि हम फुलवारी शरीफ का पूछे ये पूरे बिहार का गिनाने लगे. इस पर मंत्री रामकृपाल ने कहा इनके लिए (श्याम रजक) केवल फुलवारीशरीफ होगा जबकि सरकार के लिए पूरा बिहार जरूरी है। हम बिहार की चिंता करेंगे. हालांकि मंत्री ने इस माँग को ख़ारिज कर दिया उन्होंने कहा कि पुनपुन में सब्जी मंडी है, इसलिए हिंदुनी में नहीं बनेगा. 

चिराग के दो विधायक भिड़े 

इधर, सदन में एलजेपीआर (विलास) के दो विधायकों के बीच भी तीखी नोकझोंक देखने को मिली। चेनारी से विधायक मुरारी गौतम ने अपने क्षेत्र में दूषित जल की समस्या उठाई। इसके जवाब में मुहुआ से विधायक और मंत्री संजय सिंह ने कहा कि वहां वाहन के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है।


इस पर मुरारी गौतम ने दावा किया कि उनके पास उस इलाके की तस्वीरें हैं। मंत्री ने कहा कि तस्वीर में पानी गिरते हुए दिखाई दे रहा है। इसी दौरान स्पीकर ने मुरारी गौतम को टोका, जिससे विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि “यह नहीं चलेगा।”


हंगामा बढ़ने पर मंत्री श्रवण कुमार ने सदन से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रश्नकर्ता के सवाल का जवाब दिया जा रहा है, धैर्य रखें। उन्होंने कहा कि बिना जवाब सुने हंगामा करना उचित नहीं है। अंत में मंत्री संजय सिंह ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।


रंजन की रिपोर्ट