Bihar News : पंचायतों में पर्यावरण और आर्थिक विकास के लिए बनेगी विशेष कमिटी, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने हेस्को और आईआईटी विशेषज्ञों संग किया मंथन

Bihar News : बिहार के पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने गुरुवार को पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को लेकर एक उच्चस्तरीय विमर्श बैठक की। जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गयी.....पढ़िए आगे

Bihar News : पंचायतों में पर्यावरण और आर्थिक विकास के लिए बन
मंत्री की बड़ी पहल - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पंचायते पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की आधारभूत इकाइयां हैं। इनके माध्यम से जल संरक्षण, हरित आवरण के विस्तार, अपशिष्ट प्रबंधन, जैविक खेती तथा स्थानीय संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है। उक्त बाते पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने गुरुवार को पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा पंचायतों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित महत्वपूर्ण चर्चा में कहीं। 

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाज़ार

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जाने वाले स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने तथा महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने पर बल दिया। चर्चा में हिमालयी पर्यावरण अध्यन और संरक्षण संगठन (हेस्को) के संस्थापक एवं प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टीएन सिंह तथा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) भागलपुर के निदेशक प्रो. मधुसूदन सिंह शामिल हुए।

पंचायतों से ग्रामीण आजीविका को मिलेगी नई दिशा

इस दौरान पंचायतों में जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाते हुए सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्राप्ति, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने तथा पर्यावरण-अनुकूल विकास मॉडल को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही स्थानीय उत्पादन को बाजार से जोड़ने, मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करने तथा प्राकृतिक एवं सामुदायिक संसाधनों की कम्युनिटी ओनरशिप पर भी विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका और स्थानीय आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। विभागीय सचिव मनोज कुमार ने राज्य सरकार की ओर से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए संचालित ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान सहित अन्य सरकारी पहलों का उल्लेख किया। कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से जल संरक्षण, हरित क्षेत्र विस्तार तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पर्यावरण संवर्धन के लिए बनेगी कमिटी

चर्चा के दौरान ग्रामीण विकास, पर्यावरणीय संतुलन, स्थानीय संसाधनों के संरक्षण तथा सतत आजीविका संवर्धन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार हुए। पंचायतों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सुझावों एवं अनुभवों का आदान-प्रदान भी किया गया। बैठक में मंत्री ने सचिव को पंचायतों में पर्यावरण संवर्धन तथा आर्थिक विकास को एकीकृत करने के लिए एक कमिटी बनाने का निर्देश दिया, जो कार्ययोजना संबंधित सुझाव देगी। मौके पर अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश समेत विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।