पीएम मोदी के बाद ओम बिरला से मिले नीतीश कुमार, बांकीपुर में भाजपा की हार के बीच दिल्ली में बढ़ी सियासी सरगर्मी

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लगातार दो दिनों में देश के शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर बैठे नेताओं से मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Nitish Kumar met Lok Sabha Speaker Om Birla
Nitish Kumar met Lok Sabha Speaker Om Birla - फोटो : news4nation

Nitish Kumar :  बिहार की राजनीति में लगातार बढ़ रही हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिष्टाचार मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय कक्ष में उनसे शिष्टाचार भेंट की।


हालांकि इस मुलाकात को औपचारिक बताया गया है, लेकिन बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। खास बात यह है कि इससे एक दिन पहले ही नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। उस बैठक में जनता दल (यू) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा तथा केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी मौजूद थे।


प्रधानमंत्री से हुई मुलाकात ऐसे समय में हुई जब हाल ही में संपन्न बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा के पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में मिली हार ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा ने भी समीक्षा बैठकों का दौर शुरू कर दिया है और हार के कारणों का आकलन किया जा रहा है।


इसी बीच नीतीश कुमार की लगातार दो दिनों में देश के शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर बैठे नेताओं से मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इन मुलाकातों के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और एनडीए की आगामी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद एनडीए के भीतर समन्वय और आगे की चुनावी रणनीति को लेकर लगातार मंथन का दौर जारी है। ऐसे में मुख्यमंत्री की दिल्ली में हुई ये मुलाकातें आने वाले दिनों की राजनीतिक दिशा तय करने के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं।