Air Crashes: विमान और हेलीकॉप्टर हादसों में कितने राजनेताओं ने दम तोड़ा? भारत की राजनीति पर पड़ा भयंकर असर, अजीत पवार समेत कई दिग्गजों हुए थे काल-कवलित

Air Crashes: महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार का निधन एक भयावह हवाई हादसे में हो गया। भारतीय राजनीति में नेताओं के हवाई हादसे दुर्लभ नहीं रहे।

Air Crashes That Shook Indian Politics, Leaders Lost in Trag
विमान और हेलीकॉप्टर हादसों में कितने राजनेताओं ने दम तोड़ा? - फोटो : social Media

Air Crashes: महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार का निधन एक भयावह हवाई हादसे में हो गया। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका प्राइवेट चार्टर्ड प्लेन रनवे से उतर गया और पूरी तरह तबाह हो गया। हादसे में अजीत पवार के साथ उनके पर्सनल असिस्टेंट, सुरक्षाकर्मी और प्लेन स्टाफ भी घायल हुए। इस दुर्घटना ने न सिर्फ महाराष्ट्र की राजनीति को हिला कर रख दिया बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।

भारतीय राजनीति में नेताओं के हवाई हादसे दुर्लभ नहीं रहे। कांग्रेस के प्रभावशाली नेता संजय गांधी, जो इंदिरा गांधी के पुत्र थे, 23 जून 1980 को दिल्ली में छोटे विमान में दुर्घटना में काल-कवलित हो गए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया का 30 सितंबर 2001 को चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हुआ। आंध्र प्रदेश के तत्कालीन CM वाई.एस. राजशेखर रेड्डी 2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर हादसे में काल-कवलित हुए। अरुणाचल प्रदेश के CM डोरजी खांडू 30 अप्रैल 2011 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया।

लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी 3 मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हुए। गुजरात के पूर्व CM विजय रूपाणी 12 जून 2025 को एयर इंडिया विमान दुर्घटना में काल-कवलित हुए। 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान गुजरात के दूसरे CM बलवंतराय मेहता का विमान मार गिराया गया, जिससे उनकी मृत्यु हुई। स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता सुभाष चंद्र बोस का 18 अगस्त 1945 को ताइवान में विमान दुर्घटना में निधन का दावा किया जाता है, हालांकि इस पर आज भी विवाद कायम है।

अजीत पवार की मृत्यु ने यह सच फिर दिखा दिया कि राजनीति और सत्ता की दुनिया में भी कभी-कभी हवाई यात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है। यह हादसा भारतीय राजनीति के लिए एक शोक और चेतावनी दोनों बनकर सामने आया है। देशभर में नेता और जनता दोनों इस घटना से स्तब्ध हैं, और राजनीतिक गलियारों में भी इस हवाई हादसे का गहरा असर देखा जा रहा है।