Bihar Israel War: खामेनेई की मौत से मचा तूफान! खाड़ी में फंसे बिहार के हजारों लोग, घरों में बेकरारी और दुआओं का दौर

बिहार के लोग बड़ी तादाद में सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान, बहरीन, जॉर्डन और इराक में काम करते हैं। दोहा में सूबे के कई परिवार मौजूद हैं, जो जंग से परेशान हैं, कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर हेल्पलाइन नंबर 96565501946 सार्वजनिक किया है

Ali Khamenei Death Sparks Storm Thousands from Bihar Strande
खाड़ी में फंसे बिहार के हजारों लोग- फोटो : social Media

Bihar Israel War:ईरान-इजराइल जंग ने सियासी फिज़ा को संगीन बना दिया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बिहार के हजारों प्रवासी खाड़ी मुल्कों में फंसे हुए हैं। उनके परिवार के सदस्य  वतन में बैठे बेचैनी और फिक्र के आलम में हैं। फोन और वीडियो कॉल के जरिए कुशल-क्षेम ली जा रही है, मगर हालात पर अनिश्चितता का बादल छाया हुआ है।बिहार के लोग बड़ी तादाद में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान, बहरीन, मलेशिया, जॉर्डन और इराक में रोज़गार की तलाश में रहते हैं। दोहा में मिथिलांचल के कई परिवार मौजूद हैं, जो फिलहाल महफूज़ हैं लेकिन जंग के तेज होने की आशंका से परेशान हैं।

इस बीच हैदराबाद से कतर रवाना होने वाले अररिया और पूर्णिया के कई लोगों को एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। उड़ानें प्रभावित होने के कारण उन्हें रात हैदराबाद में गुजारनी पड़ी और अब वे बिहार लौटने की तैयारी में हैं।प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर एहतियात बरतने की अपील की है। फिलहाल सबकी निगाहें हालात पर टिकी हैं और दुआ यही है कि अमन कायम रहे।

दुनिया की सियासत में भूचाल आ गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई  के इंतकाल की खबर ने पश्चिम एशिया से लेकर दक्षिण एशिया तक हलचल मचा दी है। इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में उनकी मौत की खबर के बाद तेहरान की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए। ईरान की हुकूमत ने 40 दिन का राष्ट्रीय शोक ऐलान किया है और नए कमांडर-इन-चीफ की तैनाती कर दी गई है। साथ ही नए सुप्रीम लीडर के नाम का भी एलान कर दिया गया है।तेहरान में जनाज़े जैसा माहौल है। अवाम ग़म और ग़ुस्से के मिले-जुले जज़्बात के साथ सड़कों पर है। मस्जिदों और इमामबारगाहों में फ़ातेहा और दुआएं पढ़ी जा रही हैं। सरकार ने कहा है कि मुल्क की सलामती और क़ौमी एकजुटता बनाए रखना वक्त की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

संयुक्त राष्ट्र ने की निंदा

इस घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने तमाम पक्षों से सब्र और संयम बरतने की अपील की है, ताकि हालात और न बिगड़ें।

कराची में हंगामा, पुलिस ने दागे आंसू गैस

पाकिस्तान के कराची में अमेरिका के मिशन के बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की और मिशन परिसर में घुसने की कोशिश की। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इस झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत की खबर है, जबकि कई लोग जख्मी बताए जा रहे हैं।

लखनऊ में शिया समुदाय का प्रदर्शन

भारत में भी इसका असर दिखाई दिया। उत्तर प्रदेश की राजधानी  के घंटाघर इलाके में बड़ी तादाद में शिया मुसलमान सड़कों पर उतर आए। लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें हाथ में लेकर नारेबाजी की, छाती पीटी और इजरायल-अमेरिका के खिलाफ ग़ुस्से का इज़हार किया। प्रशासन ने एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।

खाड़ी देशों में फंसे हजारों भारतीय

ईरान-इजरायल टकराव के बाद खाड़ी देशों में रह रहे हजारों भारतीय, खासकर बिहार के लोग, चिंतित हैं।कतर, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में बड़ी संख्या में राज्य के प्रवासी मौजूद हैं। दोहा में मिथिलांचल के कई परिवार सुरक्षित हैं, लेकिन हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

कुवैत में रह रहे इंजीनियरों और पेशेवरों का कहना है कि मिसाइल हमलों के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। कई उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे भारत लौटने की योजना टल गई है। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर हेल्पलाइन नंबर 96565501946 सार्वजनिक किया है और भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है।

बढ़ते तनाव से वैश्विक चिंता

सियासी जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम मिडिल ईस्ट की जियो-पॉलिटिक्स में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। ईरान में नए नेतृत्व की ताजपोशी और 40 दिन के राष्ट्रीय शोक के बीच मुल्क एक अहम दौर से गुजर रहा है। दुनिया की निगाहें अब तेहरान, वॉशिंगटन और तेल अवीव की अगली चाल पर टिकी हैं।फिलहाल हालात नाज़ुक हैं, लेकिन हर तरफ यही दुआ की जा रही है कि अमन और इंसानियत की जीत हो।