'नीतीश के लिए हम गद्दारी किए'... अनंत सिंह का अलग पार्टी बनाने पर बड़ा ऐलान, JDU का अब खाता भी नहीं खुलेगा

अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के लिए कुर्बानी देने का दावा किया है और संजय झा पर निशाना साधते हुए बोले, मेरे साथ ही कार्रवाई क्यों, शाम्भवी और महेश्वर हजारी के परिवार पर क्यों नहीं?

Anant Singh
Anant Singh- फोटो : news4nation

Anant Singh :  जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। रविवार को अपने सरकारी आवास पर जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ बैठे अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें बिना किसी मतलब के पार्टी से निकाल दिया गया है। उन्होंने यहां तक कहा कि वह अपनी अलग पार्टी भी बना सकते हैं। जदयू को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा, “जदयू का खाता नहीं खुलेगा, खाता नहीं खुलेगा।”


अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी पुरानी निष्ठा का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा उनका साथ दिया है और इसके लिए कई कुर्बानियां भी दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के पुराने नेतृत्व की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रही। संजय झा पर निशाना साधते हुए अनंत सिंह ने कहा कि दिल्ली और मुंबई से माल देकर आए लोगों ने पार्टी में कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार को पूरी स्थिति की जानकारी नहीं है और पार्टी में जो कुछ हो रहा है, वह उनकी मर्जी से नहीं हो रहा है।


‘2024 में नीतीश कुमार की सरकार हमने बचाई थी’

अनंत सिंह ने फरवरी 2024 में बिहार विधानसभा में हुए बहुमत परीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय नीतीश कुमार की सरकार संकट में थी और उन्होंने सरकार बचाने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा, “हम गद्दारी करके उनकी सरकार बचाए।” दरअसल, उस समय अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी राजद की विधायक थीं, लेकिन उन्होंने विधानसभा में नीतीश कुमार की सरकार के पक्ष में मतदान किया था। उस बहुमत परीक्षण में राजद के तत्कालीन विधायक चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव ने भी अपनी पार्टी के रुख से अलग जाकर सरकार का समर्थन किया था। अनंत सिंह ने कहा कि उनसे ज्यादा कुर्बानी नीतीश कुमार के लिए किसने दी है, यह अशोक चौधरी और सम्राट चौधरी से पूछा जा सकता है। उन्होंने दोनों नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि वे बता सकते हैं कि उस समय नीतीश कुमार की सरकार को किसने बचाया था।


‘मेरे खिलाफ ही कार्रवाई क्यों?’

जदयू नेतृत्व की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अनंत सिंह ने पार्टी में कथित दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा कि जब अशोक चौधरी की बेटी शाम्भवी चौधरी ने लोकसभा चुनाव में समस्तीपुर सीट से लोजपा (रामविलास) के टिकट पर चुनाव लड़ा, तब अशोक चौधरी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इसी तरह उन्होंने महेश्वर हजारी के बेटे के दूसरे दल से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए पूछा कि उस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अनंत सिंह ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ उनके खिलाफ ही क्यों की गई।


नीरज कुमार का विरोध बना निष्कासन की वजह

गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर हुए चुनाव में अनंत सिंह ने जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किया था और जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था। इस दौरान उन्होंने नीरज कुमार समेत जदयू के कई नेताओं पर तीखी टिप्पणियां भी की थीं।


इसके बाद जदयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी ने उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा भी विधानसभा अध्यक्ष से की है। निष्कासन के बाद अनंत सिंह के तेवर से साफ है कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब उनके अगले राजनीतिक कदम और जदयू नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।

अभिजीत की रिपोर्ट