Anant Singh: अनंत सिंह बोले- अनुज सिंह को जानता तक नहीं, नीरज से नाराजगी में मांगा था वोट
Anant Singh: बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सियासत में मोकामा के विधायक अनंत सिंह के बयान ने नया मोड़ ला दिया है। ..
Anant Singh: बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सियासत में मोकामा के विधायक अनंत सिंह के बयान ने नया मोड़ ला दिया है। चुनाव से पहले जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में सड़क पर उतरकर वोट मांगने वाले अनंत सिंह ने अब कहा है कि वह अनुज सिंह को जानते तक नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि उनका पूरा विवाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रत्याशी नीरज कुमार से था और इसी नाराजगी में उन्होंने अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया था। अनंत सिंह ने नतीजों से पहले ही अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि जनता मालिक है, जिसने वोट दिया, वह जीत गया और जिसे वोट नहीं मिला, वह हार गया।
एक मीडिया चैनल से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार के साथ उनकी नाराजगी की वजह से पूरा मामला आगे बढ़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार उनके केस को दिल्ली ले गए थे, जिसके बाद वह उनसे भिड़ गए। अनंत सिंह के मुताबिक, उन्हें जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी तरफ से जो बन पड़ा, वह किया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रचार के लिए वक्त भी कम मिला और उनके प्रत्याशी ने पहले से पर्याप्त वोट नहीं जुटाए थे।
‘पार्टी से कोई नाराजगी नहीं, वापसी की चाहत भी नहीं’
जदयू से निष्कासन और पार्टी नेतृत्व से रिश्तों पर अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी में लौटने की कोई ख्वाहिश नहीं है। पार्टी उन्हें वापस लेगी या नहीं, यह पूरी तरह नेतृत्व का फैसला होगा। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक वह जिंदा रहेंगे, उनसे मिलते रहेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर हालात अच्छे होते तो उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होता। अनंत सिंह ने जोर देकर कहा कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ कभी कुछ नहीं कहा, जबकि उनके मुताबिक, दूसरे लोगों ने उनके बारे में कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वही अंतिम होगा। फिलहाल उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई योजना नहीं बनाई है।
‘नीरज को बधाई नहीं देंगे’
पटना स्नातक सीट पर जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार की जीत के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि वह उन्हें बधाई नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि नीरज का फोन आने पर ही आगे कुछ सोचेंगे। उनके मुताबिक, नीरज कुमार ने पहले से अपना वोट तैयार कर रखा था, जबकि उनके प्रत्याशी को उतना समर्थन नहीं मिल सका।
अनंत सिंह ने चुनावी हार को सहजता से स्वीकार करते हुए कहा कि वोट बाजार से खरीदकर नहीं लाए जा सकते। जनता भगवान ही मालिक हैं। उन्होंने कहा कि हार-जीत चुनाव का हिस्सा है और उन्हें इस बात का कोई अफसोस नहीं है कि उनके पक्ष में अपेक्षा से कम वोट आए।
‘न लोभ था, न परिवार के लिए चुनाव’
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि न तो उनका बेटा चुनाव लड़ रहा था और न ही उनका भतीजा मैदान में था। लिहाजा, उनके इस कदम के पीछे परिवार के लिए कोई राजनीतिक लोभ नहीं था। उन्होंने दोहराया कि नीरज कुमार के प्रति नाराजगी ही उन्हें इस चुनावी मुकाबले में ले आई। उनके बयान के बाद बिहार की सियासत में जदयू और अनंत सिंह के रिश्तों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।