Bihar News : सीएम नीतीश दे रहे बिहार के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नया रूप, अरिस्टो फार्मा के एमडी भोला बाबू ने बजट को बताया विकास का पथ प्रदर्शक
अरिस्टो फार्मा कंपनी के प्रबंध निदेशक उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू ने बिहार के विकास के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों की सराहना करते हुए वर्ष 2025-26 के राज्य बजट को विकास का पथ प्रदर्शक बताया है जो उद्योग और निवेश के नए द्वार खोलेगा.

Bihar News : बिहार विधानसभा के बजट सत्र की समाप्ति पर अरिस्टो फार्मा कंपनी के प्रबंध निदेशक उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू ने राज्य के विकास के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार के प्रयासों को सराहा है. उन्होंने राज्य के बजट को प्रगतिशील और अग्रगामी वित्तीय योजना वाला बताया, जो बिहार को विकास को गति देने का वादा करती है. उन्होंने कहा कि बिहार के पास उद्योग और निवेश के लिए सकारात्मक माहौल और कुशल कामगारों की शक्ति है. इसे एक बेहतर राह देने की जरूरत है जिसे नीतीश सरकार लगातार बढ़ावा दे रही है.
बिहार बजट को राज्य के विकास के लिए सबसे प्रभावी साधन बताते हुए भोला बाबू ने कहा कि यह बिहार के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. बजट में की गई घोषणाओं की संख्या से स्पष्ट है राज्य में लगातार बदलाव हो रहे हैं. नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में राज्य की छवि निवेश हितैषी बनी है. भोला शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि नीतीश कुमार के प्रशासन में बिहार विकास के पथ पर अग्रसर है तथा राज्य की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनने के भारत के विजन के लिए बिहार को भी प्रगतिशील, दूरदर्शी और समावेशी होना है जो नीतीश सरकार कर रही है. बजट में स्पष्ट रूप से देखा गया कि विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तनकारी कदमों और रणनीतियों की रूपरेखा तैयार किया गया है. कृषि, खाद्यान, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और शिक्षा तक मेंबिहार ने कई पहल की हैं जो इसके सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नया रूप देने का वादा करती हैं. यह किसी भी विकासशील राज्य के लिए दूरगामी बदलाव का संकेत है.
कानून व्यवस्था और ढांचागत विकास का रिकॉर्ड
भोला शर्मा ने कहा कि बिहार में पिछले दो दशकों में कानून व्यवस्था और ढांचागत विकास के क्षेत्र में आए बदलावों ने राज्य को नया रूप प्रदान किया है. सड़क, हाईवे, फोरलेन और फ्लाई ओवर, मरीन ड्राइव जैसे निर्माण राज्य में सुगम पहुंच को साकार कर रहे हैं. वहीं कानून व्यवस्था के मोर्चे पर आए बदलावों से बेहतर निवेश हितैषी वातावरण बना है.