बांकीपुर का सियासी रण तेज, कमल, लालटेन और बस्ता छाप के बीच सत्ता की जंग, चुनाव प्रचार के अंतिम दिन दिग्गजों ने झोंकी ताकत

Bankipur Bypoll: चुनाव प्रचार के अंतिम दिन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी घमासान अपने चरम पर पहुंच गया है। चुनावी रणभूमि में भाजपा, राजद और जन सुराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।...

Bankipur Bypoll Battle
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन बांकीपुर का सियासी रण तेज- फोटो : social Media

Bankipur Bypoll:  चुनाव प्रचार के अंतिम दिन बिहार की राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी घमासान अपने चरम पर पहुंच गया है। चुनावी रणभूमि में भाजपा, राजद और जन सुराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को पटना की सड़कों पर निकले शक्ति प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि यह मुकाबला अब सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व और भविष्य की सियासी दिशा तय करने वाला महासंग्राम बन चुका है।

भाजपा ने अपने उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में पूरी चुनावी मशीनरी मैदान में उतार दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भव्य रोड शो कर मतदाताओं से सीधा संवाद किया। भट्टाचार्या मोड़ से शुरू हुआ रोड शो गांधी मैदान स्थित उद्योग भवन तक पहुंचा, जहां मोना सिनेमा के सामने आयोजित जनसभा में नेताओं ने कमल छाप पर वोट देने की अपील की।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दावा किया कि बांकीपुर की जनता विकास और स्थिरता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि भगवामय माहौल और जनता का उत्साह एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में मजबूत जनसमर्थन का संकेत है। करीब दो किलोमीटर लंबे रोड शो में एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं की मौजूदगी ने भाजपा के शक्ति प्रदर्शन को और धार दी।

वहीं दूसरी ओर राजद ने भी चुनावी मोर्चा संभाल लिया है। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने प्रत्याशी रेखा गुप्ता के समर्थन में रोड शो किया और जनता से बदलाव के नाम पर समर्थन मांगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बांकीपुर की जनता अब परिवर्तन चाहती है और लोगों का भाजपा से मोहभंग हो चुका है। तेजस्वी यादव ने स्थानीय मुद्दों और जनता की परेशानियों को चुनावी हथियार बनाया।

इस चुनावी जंग में जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर भी पूरी ताकत से मैदान में हैं। उन्होंने सुबह से देर रात तक मोहल्ला बैठकों और ‘चाय पर चर्चा’ के जरिए मतदाताओं से सीधा संपर्क साधा। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बांकीपुर को वर्षों से सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने जनता से व्यवस्था परिवर्तन और बेहतर भविष्य के नाम पर जन सुराज के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

बांकीपुर की चुनावी लड़ाई अब तीन धाराओं में बंटी नजर आ रही है। भाजपा जहां अपने मजबूत संगठन और विकास के दावों के सहारे किला बचाने में जुटी है, वहीं राजद बदलाव की लहर का दावा कर रही है। दूसरी तरफ प्रशांत किशोर पारंपरिक राजनीति से अलग विकल्प की तलाश कर रहे मतदाताओं को साधने में लगे हैं।अब फैसला बांकीपुर की जनता के हाथों में है। 30 जुलाई का मतदान और 3 अगस्त के नतीजे तय करेंगे कि इस सियासी अखाड़े में किसका परचम लहराएगा और किसके दावे महज़ चुनावी शोर साबित होंगे।