सावधान! बिहार के इन 4 शहरों में AI कैमरों की नजर, 14 नियम तोड़ने पर तुरंत कटेगा ई-चालान

बिहार के पटना, भागलपुर, बिहारशरीफ और मुजफ्फरपुर में एडिप्टिव एआई ट्रैफिक कैमरे लगाए जाएंगे, जो रीयल-टाइम ट्रैफिक के अनुसार सिग्नल नियंत्रित करेंगे और नियम उल्लंघन पर स्वतः ई-चालान जारी करेंगे.

Beware AI cameras are monitoring these four cities in Bihar
सावधान! बिहार के इन 4 शहरों में AI कैमरों की नजर, 14 नियम तोड़ने पर तुरंत कटेगा ई-चालान - फोटो : news 4 nation

बिहार के चार प्रमुख शहरों—पटना, भागलपुर, बिहारशरीफ और मुजफ्फरपुर—में ट्रैफिक प्रबंधन को अत्याधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इन शहरों में 'एडिप्टिव एआई' (Adaptive AI) कैमरे लगाए जाएंगे, जो रीयल-टाइम ट्रैफिक डेटा के आधार पर सिग्नल को नियंत्रित करेंगे। पुलिस मुख्यालय ने इस परियोजना का प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेज दिया है, जिसे मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह कदम बिहार को बेंगलुरु और दिल्ली जैसे महानगरों की तकनीकी कतार में खड़ा करेगा।

रीयल-टाइम सिग्नल कंट्रोल से जाम से मुक्ति

इन स्मार्ट कैमरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये सड़क पर वाहनों के दबाव का खुद आकलन करेंगे। जिस दिशा में गाड़ियों की संख्या अधिक होगी, वहां का सिग्नल स्वतः अधिक समय के लिए हरा रहेगा, जबकि खाली सड़कों पर लाल बत्ती जल्दी बदल जाएगी। इस तकनीक से चौराहों पर बेवजह के इंतजार और ईंधन की बर्बादी कम होगी। भागलपुर के जीरो माइल, तिलकामांझी और पटना जैसे व्यस्त इलाकों में अक्सर लगने वाले लंबे जाम से आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

14 नियमों के उल्लंघन पर स्वतः कटेगा ई-चालान

नई प्रणाली केवल ट्रैफिक नियंत्रित ही नहीं करेगी, बल्कि अनुशासन तोड़ने वालों पर पैनी नजर भी रखेगी। एआई कैमरे 14 तरह के ट्रैफिक नियमों की पहचान करने में सक्षम होंगे। हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट की अनदेखी, मोबाइल का उपयोग, ट्रिपल राइडिंग, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और रेड लाइट जंप करने जैसे मामलों में सिस्टम अपने आप ई-चालान जारी कर देगा। इस तकनीक से सड़क दुर्घटनाओं में करीब 25% की कमी आने और राजस्व में 50% तक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

स्मार्ट सिटी मिशन और सुरक्षित सफर का भविष्य

यह पहल बिहार के स्मार्ट सिटी मिशन को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। कैमरों के लगने से न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि मैन्युअल ट्रैफिक पुलिसिंग का बोझ भी कम होगा। यदि यह योजना समय पर धरातल पर उतरती है, तो बिहार के शहरी यात्रियों को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का सुरक्षित और सुगम यातायात अनुभव प्राप्त होगा, जिससे सड़कों पर अराजकता का अंत होगा।