Bihar IPS News - अब 'कागजी' नहीं 'डिजिटल' होगा IPS का मूल्यांकन: नए क्रिमिनल लॉ और AI कोर्स का टेस्ट पास करना हुआ जरूरी
बिहार सरकार ने IPS अधिकारियों के लिए i-GOT कर्मयोगी पोर्टल पर 6 कोर्स और लेवल-2 मूल्यांकन अनिवार्य कर दिया है। 31 मार्च 2026 तक अनुपालन न करने पर इसका सीधा असर APAR (वार्षिक कार्य मूल्यांकन) पर पड़ेगा।
Patna - बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने राज्य के सभी भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के लिए वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रतिवेदन (APAR) को लेकर नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं । सरकार के अवर सचिव कुल भूषण कुमार द्वारा पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र के अनुसार, अब IPS अधिकारियों के APAR में 'i-GOT कर्मयोगी' पोर्टल पर निर्धारित पाठ्यक्रमों को पूरा करना और व्यापक मूल्यांकन (Comprehensive Assessment) से गुजरना अनिवार्य कर दिया गया है ।
APAR और i-GOT पोर्टल का तकनीकी जुड़ाव
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के कार्य मूल्यांकन डेटा को सुचारू और स्वचालित रूप से अपडेट करने के लिए i-GOT कर्मयोगी पोर्टल और SPARROW पोर्टल के बीच API आधारित लिंकेज स्थापित किया गया है । इस व्यवस्था के तहत, अधिकारियों द्वारा पोर्टल पर पूरे किए गए पाठ्यक्रमों की स्थिति और उनके मूल्यांकन का प्रदर्शन सीधे i-GOT पोर्टल से प्राप्त कर उनके APAR में दर्शाया जाएगा । यह प्रक्रिया रिपोर्टिंग अवधि 2025-26 (APAR चक्र 2026-27) से प्रभावी होगी ।
समान ई-मेल आईडी और प्रोफाइल अपडेट अनिवार्य
तकनीकी सुगमता के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि संबंधित अधिकारी की ई-मेल आईडी दोनों पोर्टलों (i-GOT और SPARROW) पर एक समान होनी चाहिए । इसके साथ ही, बिहार संवर्ग के सभी IPS पदाधिकारियों (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों सहित) को निर्देश दिया गया है कि वे i-GOT पोर्टल पर अपने प्रोफाइल का विवरण, जैसे सेवा अवधि, संवर्ग, बैच और वर्तमान तैनाती का विवरण तुरंत अपडेट करें ।
सेवा अवधि के अनुसार निर्धारित पाठ्यक्रम
अधिकारियों के लिए उनकी सेवा अवधि (Service Period) के आधार पर अलग-अलग पाठ्यक्रम और मूल्यांकन ढाँचा तैयार किया गया है:
09 वर्ष तक की सेवा: भारतीय न्याय संहिता (BNS), BNSS और CRPC जैसे कानून आधारित पाठ्यक्रम ।
09 से 16 वर्ष तक की सेवा: साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, AI के अनुप्रयोग एवं नैतिकता और कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम ।
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16 से 25 वर्ष और उससे अधिक: क्रिटिकल थिंकिंग, आपदा प्रबंधन में AI का उपयोग, नेगोशिएशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए AI जैसे उन्नत विषय ।
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मूल्यांकन और समय सीमा
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों के लिए सालाना न्यूनतम छह (06) पाठ्यक्रम पूरे करना अनिवार्य है । इसके अतिरिक्त, स्वतंत्र 'लेवल-2' मूल्यांकन के लिए कम से कम तीन पाठ्यक्रमों का चयन किया जाएगा, जिसमें सफल होने के लिए 50% न्यूनतम अंक प्राप्त करना आवश्यक है । इन अनिवार्य प्रक्रियाओं को पूरा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है ।
पारदर्शिता और सुदृढ़ीकरण की पहल
इस पहल का मुख्य उद्देश्य अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की क्षमताओं का निरंतर विकास करना और उनके मूल्यांकन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डेटा-आधारित बनाना है । गृह विभाग ने आईटी प्रबंधक को निर्देश दिया है कि इस पत्र की प्रति सभी संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए और इसे विभागीय वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाए ।