गांधी मैदान से छात्रों के लिए सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, हाईकोर्ट जज की निगरानी में होंगी परीक्षाएं, स्टूडेंट अब यहां करेंगे डायरेक्ट शिकायत, दनादन होगी कार्रवाई

Bihar Independence Day 2026:मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।...

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Bihar  Independence Day 2026: बिहार में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार तिरंगा फहराया। इससे पहले उन्होंने परेड की सलामी ली। स्वतंत्रता दिवस के इस भव्य समारोह से मुख्यमंत्री ने बिहार के लोगों को संबोधित करते हुए छात्रों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी, जो परीक्षाओं की निगरानी करेगी। सरकार का मकसद परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और विद्यार्थियों के बीच भरोसा कायम करना है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि परीक्षा किसी भी विद्यार्थी के भविष्य का अहम पड़ाव होती है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली, अनियमितता या पक्षपात की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता वाली कमेटी के जरिए परीक्षा व्यवस्था की निगरानी किए जाने से प्रक्रिया को ज्यादा निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की कोशिश की जाएगी।

‘विद्यार्थी पोर्टल’ से शिकायतों का होगा निपटारा

मुख्यमंत्री ने छात्रों के लिए एक और अहम पहल का ऐलान करते हुए कहा कि ‘विद्यार्थी पोर्टल’ की शुरुआत की जाएगी। इस पोर्टल के जरिए स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों से जुड़ी विद्यार्थियों की शिकायतों का निपटारा किया जाएगा।इस पहल का मकसद छात्रों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग या संस्थान तक मामला पहुंचाया जा सकेगा और उसके समाधान की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा सकेगा।

बिहार में बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं, बोर्ड परीक्षाओं और उच्च शिक्षा से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी शिकायतों के लिए एक केंद्रीकृत व्यवस्था छात्रों के लिए अहम साबित हो सकती है।मुख्यमंत्री का यह ऐलान ऐसे वक्त हुआ है जब शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सरकार की नई पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के हितों की हिफाजत करना और परीक्षा प्रणाली में भरोसा मजबूत करना बताया गया है।

गांधी मैदान से दिए गए अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में सरकार कदम बढ़ा रही है। हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में परीक्षा निगरानी कमेटी और विद्यार्थी पोर्टल इसी कवायद की अहम कड़ी होंगे।एक तरफ तिरंगे की शान, दूसरी तरफ छात्रों के भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान गांधी मैदान से सम्राट चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया एजेंडा सामने रखा।