बिहार के बस स्टैंडों में मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं! शॉपिंग मॉल, होटल और मल्टीप्लेक्स का दिखेगा जलवा,कैबिनेट की मंजूरी

सम्राट कैबिनेट ने बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के 31 बस डिपो को पीपीपी मॉडल पर विश्वस्तरीय बनाने की मंजूरी दे दी है। ग्राउंड फ्लोर पर बसें चलेंगी, तो ऊपरी मंजिलों पर होटल, शॉपिंग मॉल, PVR मल्टीप्लेक्स और फूड कोर्ट होंगे

Bihar 31 world class bus stands ppp model cabinet approval
बिहार में पीपीपी मॉडल पर बनेंगे 31 विश्वस्तरीय बस स्टैंड, कैबिनेट की मंजूरी- फोटो : news 4 nation AI

बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह बदलने और यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (1 जुलाई) को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में परिवहन विभाग के एक बड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के राज्यभर में स्थित 31 बस डिपो और स्टैंडों का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। परिवहन विभाग के मंत्री दामोदर रावत ने बताया कि इन बस टर्मिनलों को अब केवल बसों के संचालन तक सीमित न रखकर 'मल्टी-फंक्शनल ट्रांसपोर्ट हब' के रूप में तब्दील किया जाएगा।


बहुमंजिला इमारतों का खाका: ग्राउंड फ्लोर पर बसें, ऊपर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

परिवहन सचिव राज कुमार ने परियोजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इन अत्याधुनिक बस स्टैंडों का निर्माण 'जी प्लस 4' से 'जी प्लस 6' (G+4 to G+6) तक की बहुमंजिला इमारतों के रूप में किया जाएगा। इसके ग्राउंड फ्लोर का उपयोग बस बे, डिजिटल टिकट काउंटर, यात्री सहायता केंद्र, सुरक्षा कक्ष और सीसीटीवी निगरानी जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए होगा। पहली मंजिल पर वातानुकूलित प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट और रिटेल दुकानें होंगी, जबकि दूसरी मंजिल पर चालक-परिचालकों के लिए विश्राम कक्ष और डॉर्मिटरी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए परिसरों में अत्याधुनिक वर्कशॉप और ई-बसों (Electric Buses) के लिए चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।


होटल, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स बनेंगे मुख्य आकर्षण

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका व्यावसायिक रूप से आत्मनिर्भर होना है। बस स्टैंडों की तीसरी से लेकर छठी मंजिल का उपयोग पूरी तरह से कमर्शियल एक्टिविटीज के लिए किया जाएगा। इन ऊपरी मंजिलों पर नामी होटल, बड़े शॉपिंग मॉल, पीवीआर (PVR) जैसे मल्टीप्लेक्स, बैंक्वेट हॉल, और मनोरंजन केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन व्यावसायिक गतिविधियों से जो भी राजस्व (Revenue) पैदा होगा, उसे बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और निजी भागीदार (Private Partner) आपस में साझा करेंगे। इससे बस स्टैंडों के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव को आर्थिक रूप से एक बड़ी मजबूती मिलेगी।


पटना-मुजफ्फरपुर समेत इन जिलों की बदलेगी सूरत, रोजगार को मिलेगी रफ्तार

प्रथम चरण में इस महापरियोजना के तहत पटना, मुजफ्फरपुर, गयाजी, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुंगेर, जमुई, नवादा, सहरसा, मधुबनी, किशनगंज, मोतिहारी, सारण, सीतामढ़ी, नालंदा, औरंगाबाद, भोजपुर, जहानाबाद और शेखपुरा समेत राज्य के प्रमुख जिलों में कुल 31 बस स्टैंड विकसित किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि भविष्य में सड़कों पर उतरने वाली 400 नई ई-बसों और यात्रियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। इस विश्वस्तरीय पहल से न केवल बिहार में सुरक्षित, स्वच्छ और डिजिटल यात्रा का अनुभव मिलेगा, बल्कि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।