बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी गरमाने के आसार, मॉडल स्कूल से लेकर NEET तक सरकार पर हमलावर हो सकता है विपक्ष

Bihar Monsoon Session 2026: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी सियासी घमासान और तीखी नोकझोंक का गवाह बनने के आसार हैं।...

Bihar Assembly Monsoon Session Day 2 Opposition Set for Fres
मानसून सत्र का दूसरा दिन भी गरमाने के आसार,- फोटो : reporter

Bihar Monsoon Session 2026: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी सियासी घमासान और तीखी नोकझोंक का गवाह बनने के आसार हैं। सोमवार को हंगामे के साथ शुरू हुए सत्र के बाद मंगलवार को भी सदन में माहौल गर्म रहने की संभावना है। विपक्ष मॉडल स्कूलों के कथित भगवाकरण, NEET पेपर लीक, ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स लगाए जाने के मुद्दे समेत कई सवालों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की तैयारी में है।

सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी, जिसमें अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों पर चर्चा होगी। इसके बाद औपचारिक कार्यवाही के तहत विभिन्न संदेशों और विधेयकों को सदन के पटल पर रखा जाएगा। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह मुख्यमंत्री मंत्रीपरिषद समिति की 216वीं प्रतिवेदन की प्रति सदन में पेश करेंगे।सरकार इस दौरान कई महत्वपूर्ण नियमावलियों को भी सदन के पटल पर रखेगी। इनमें बेतिया राज की संपत्तियों को राज्य में निहित करने संबंधी नियमावली-2026, बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्ती (संशोधन) नियमावली-2024 एवं 2025 और बिहार कार्यपालिका (संशोधन) नियमावली-2023 प्रमुख हैं। इन प्रस्तावों पर भी विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है।

मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने अपने तेवर साफ कर दिए थे। सोमवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। सदन के भीतर लगातार नारेबाजी होती रही, जिससे कार्यवाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। बाद में विधानसभा अध्यक्ष के समझाने-बुझाने के बाद विपक्षी सदस्य शांत हुए और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।

सिर्फ सदन के भीतर ही नहीं, बल्कि विधानसभा परिसर के बाहर भी विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्षी विधायक विधानसभा के मुख्य द्वार से मुख्य पोर्टिको तक पैदल मार्च निकालते हुए सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। उनका आरोप है कि सरकार शिक्षा, प्रशासन और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।

दूसरे दिन भी विपक्ष के तेवर नरम पड़ने के आसार नहीं हैं। सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों और विधायी कार्यों पर जोर देगा, जबकि विपक्ष जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतरेगा। ऐसे में मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और सियासी तल्ख़ी के बीच गुजरने की पूरी संभावना है।