बिहार विधानसभा का सत्र 24 अप्रैल को, सम्राट के चौधरी बनने पर लगेगी मुहर, ये होंगे स्पीकर
Bihar Assembly session : बिहार विधानसभा के द्वितीय सत्र को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। बिहार विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आह्वान-पत्र के अनुसार सत्र का आयोजन 24 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे विधानसभा परिसर में किया जाएगा। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार विधानसभा का सत्र आयोजित किया जा रहा है। इस सत्र में नई सरकार में स्पीकर का चयन, बहुमत सहित कई अन्य कार्य होंगे. यह पहला मौका होगा जब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के रूप में सदन में मौजूद होंगे और उनके साथ पहली बार उप मुख्यमंत्री बने विजय चौधरी और विजेंद्र यादव भी रहेंगे.
दरअसल, नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सम्राट चौधरी का 15 अप्रैल को सीएम पद पर शपथ ग्रहण हुआ जबकि विजय चौधरी और विजेंद्र यादव उप मुख्यमंत्री बने हैं. संविधान और संसदीय परंपरा के अनुसार, जब भी कोई नई सरकार बनती है खासकर अगर मुख्यमंत्री बदला हो या नई राजनीतिक स्थिति बनी हो तो उसे सदन में फ्लोर टेस्ट (बहुमत परीक्षण) के जरिए यह साबित करना पड़ता है कि उसके पास विधायकों का पर्याप्त समर्थन है.
आमतौर पर राज्यपाल एक निश्चित समय सीमा के भीतर मुख्यमंत्री को सदन में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहते हैं. इस दौरान सरकार को यह दिखाना होता है कि उसे बहुमत (यानी आधे से अधिक विधायकों) का समर्थन प्राप्त है. अगर सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाती, तो उसे इस्तीफा देना पड़ सकता है. 243 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए एनडीए के पास पर्याप्त बहुमत है. ऐसे में सम्राट सरकार को बहुमत साबित करने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
विधानसभा में दलीय स्थिति
भारतीय जनता पार्टी (BJP) – 88–89, जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) – 85, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) – 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा – 5, राष्ट्रीय लोक मोर्चा – 4 यानी NDA को करीब 201–202 विधायकों का समर्थन है. वहीं महागठबंधन वाले विपक्ष में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) – 25, कांग्रेस – 6, भाकपा (माले) – 2, भाकपा (मार्क्सवादी) – 1 और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी – 1 हैं जबकि AIMIM – 5 और बहुजन समाज पार्टी – 1 विधायकों वाली पार्टी है.