Bihar Become Industrial Hub: बिहार बनेगा 'इंडस्ट्रियल हब'! SEZ के जरिए प्रदेश में आएगा निवेश, जानिए सम्राट चौधरी का मास्टर प्लान
Bihar Become Industrial Hub:
Bihar Become Industrial Hub: बिहार अब इंडस्ट्रियल हब बनेगा। प्रदेश में रोजगार ही रोजगार होगा। इसको लेकर नीतीश सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इसको लेकर अपना विजन भी बताया। उन्होंने कहा कि, बिहार में देश के नामी-गिरामी उद्योगपति निवेश कर रहे हैं और अब तक उद्योग स्थापना के लिए 1285 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य के पश्चिम चंपारण और बक्सर जिलों में स्पेशल इकोनॉमी जोन (SEZ) विकसित किए जाएंगे।
300 करोड़ रुपये होंगे खर्च
सरकारी जानकारी के मुताबिक, इन दोनों स्पेशल इकोनॉमी जोन के विकास पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पश्चिम चंपारण के कुमारबाग और बक्सर के नवानगर में 125-125 एकड़ जमीन पर SEZ विकसित किया जाएगा। इन परियोजनाओं से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
उद्योगों से बदलेगी बिहार की पहचान
उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार की आर्थिक पहचान को बदलने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। स्पेशल इकोनॉमी जोन बनने से देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी उद्योगपति बिहार में फैक्ट्रियां लगाने के लिए आएंगे।
आस-पास के जिलों को भी मिलेगा लाभ
पश्चिम चंपारण में SEZ बनने से गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर जैसे पड़ोसी जिलों को भी विकास का लाभ मिलेगा। वहीं बक्सर में इकोनॉमी जोन बनने से रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद जैसे जिलों को फायदा पहुंचेगा। पश्चिम चंपारण के नेपाल सीमा से सटे होने के कारण यहां से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, जबकि बक्सर से उत्पादों को उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।
रोजगार को लेकर सरकार का बड़ा लक्ष्य
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने वर्ष 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने 1990 से 2005 के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बिहार में एक लाख लोगों को भी नौकरी नहीं मिल पाई थी, जबकि 2005 से 2025 के बीच 57 लाख से अधिक लोगों को रोजगार और सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, आईटी हब और नई औद्योगिक नीति के चलते बिहार को विकास की नई राह मिली है। इससे राज्य के मजदूरों को रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी भी धीरे-धीरे खत्म होगी।