बिहार बना फिल्म शूटिंग का नया ठिकाना: 45 प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, नई नीति का दिख रहा असर

बिहार में नई फिल्म प्रोत्साहन नीति लागू होने के बाद राज्य तेजी से फिल्म शूटिंग के एक बड़े हब के रूप में उभर रहा है। सरकार ने अब तक कुल 45 फिल्मों और प्रोजेक्ट्स को शूटिंग की मंजूरी दी है।

Bihar becomes a new film shooting destination
बिहार बना फिल्म शूटिंग का नया ठिकाना- फोटो : news 4 nation AI

बिहार में नई फिल्म प्रोत्साहन नीति लागू होने के बाद राज्य तेजी से फिल्म शूटिंग के एक बड़े हब के रूप में उभर रहा है। सरकार ने अब तक कुल 45 फिल्मों और प्रोजेक्ट्स को शूटिंग की मंजूरी दी है। यह बदलाव न केवल राज्य की कला और संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। अब फिल्म निर्माताओं के लिए बिहार एक पसंदीदा गंतव्य बन चुका है।

विभिन्न भाषाओं और शैलियों का संगम

बिहार में केवल क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्मों की शूटिंग हो रही है। स्वीकृत 45 प्रोजेक्ट्स में से 22 हिंदी, 19 भोजपुरी और शेष मगही, मैथिली व अंग्रेजी जैसी भाषाओं में हैं। इनमें 38 फीचर फिल्में, छह डॉक्यूमेंट्री और एक वेब सीरीज शामिल है। भाषाओं की यह विविधता दर्शाती है कि बिहार की कहानियां और लोकेशन्स हर तरह के सिनेमा के लिए अनुकूल हैं।

39 प्रोजेक्ट्स की शूटिंग हुई पूरी

बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, शूटिंग की प्रक्रिया काफी तेज गति से चल रही है। वर्ष 2024 के जुलाई से अब तक कुल 39 फिल्मों की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है, जबकि बाकी फिल्मों पर काम जारी है। राज्य सरकार इन निर्माताओं को 'बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति' के तहत सब्सिडी, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और प्रशासनिक सहयोग जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान कर रही है।

प्रमुख फिल्मों की लंबी फेहरिस्त

शूटिंग के लिए स्वीकृत फिल्मों में 'बिहार का जलवा', 'चंपारण सत्याग्रह', 'ओह माय डॉग', और 'बोध गया का महाबोधि मंदिर' जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं। इसके अलावा 'संघतिया', 'लाइफ लीला', 'आदि शक्ति मुंडेश्वरी' और 'मिस बिहार' जैसे प्रोजेक्ट्स भी कतार में हैं। ये फिल्में बिहार की सामाजिक व्यवस्था, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और धार्मिक महत्व को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का काम कर रही हैं।

पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहरों का प्रचार

फिल्मों की शूटिंग के लिए राजगीर, बोधगया, पटना, मुंगेर और चंपारण जैसे ऐतिहासिक स्थलों का चयन किया जा रहा है। इन लोकेशन्स के माध्यम से बिहार की प्राकृतिक सुंदरता और गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। सरकार के इस कदम से पर्यटन क्षेत्र को भी भारी मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।