भूमिहार महिला समाज का 6ठा स्थापना दिवस: 25 जुलाई को 50 विभूतियाँ होंगी सम्मानित

पटना के होटल पनाश में आयोजित होने जा रहे इस गरिमामय समारोह में चिकित्सा, शिक्षा,कृषि और खेल जगत से जुड़ी 50 नामचीन हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। संस्था की संस्थापिका प्रीति प्रिया ने बताया कि BMS अब तक 115 जरूरतमंद बच्चों को गोद लिया जाये

Bhumihar Mahila Samaj Foundation Day

भूमिहार महिला समाज (BMS) आगामी 25 जुलाई को अपना 6ठा स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर समाज, शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, न्याय, उद्यमिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली करीब 50 विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। यह गरिमामय सम्मान समारोह पटना के गांधी मैदान स्थित होटल पनाश में आयोजित होगा। संस्थापिका प्रीति प्रिया ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन व्यक्तित्वों के कार्यों को पहचान देना और समाज के सामने लाना है, जिन्होंने अपने योगदान से देश का नाम रोशन किया है।


डॉ. शांति राय और विकास सिंह समेत कई दिग्गज होंगे सम्मानित

इस समारोह में सम्मानित होने वाली प्रमुख हस्तियों में सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अंशुमान कुमार, प्रसिद्ध वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शांति राय, प्रगतिशील किसान सुधांशु कुमार, 'अम्मा की रसोई' की संस्थापिका देवनी देवी, भारतीय महिला क्रिकेटर शुभ लक्ष्मी शर्मा, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विकास सिंह और मिस्टर इंडिया वर्ल्ड 2025 के विजेता शिवम सिंह शामिल हैं। इनके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में अलख जगाने वाले अन्य विशिष्ट महानुभावों को भी मंच पर सराहा जाएगा।


महिला सशक्तिकरण और 115 बच्चों की शिक्षा का जिम्मा

संस्थापिका प्रीति प्रिया ने बताया कि स्थापना के बाद से ही भूमिहार महिला समाज महिलाओं के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्था ने महिलाओं को जागरूक करने, उन्हें स्वरोजगार और नवाचार से जोड़ने के लिए कई अभियान चलाए हैं। अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए संस्था वर्तमान में 115 वंचित बच्चों को गोद लेकर उनकी पूरी शिक्षा-दीक्षा का खर्च भी उठा रही है।


युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगा यह आयोजन

प्रीति प्रिया ने जोर देकर कहा कि यह स्थापना दिवस केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तित्वों के संघर्षों से नई पीढ़ी को जोड़ना है। इन विभूतियों के कार्यों से प्रेरणा लेकर युवा वर्ग समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकेगा। समारोह में बिहार और देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग, बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में महिलाएं शिरकत करेंगी।