TRE-4 शिक्षक भर्ती: 'एक अभ्यर्थी-एक रिजल्ट' का नया फॉर्मूला, अब ज्यादा युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी!

शिक्षक बनने की राह देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए टीआरई-4 (TRE-4) बड़ी सौगात लेकर आ रहा है। शिक्षा विभाग ने नियुक्तियों में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए 'एक अभ्यर्थी-एक रिजल्ट' की क्रांतिकारी नीति लागू करने का निर्णय लिया है।

TRE-4 शिक्षक भर्ती: 'एक अभ्यर्थी-एक रिजल्ट' का नया फॉर्मूला,

Patna - बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए टीआरई-4 मील का पत्थर साबित होने वाला है। शिक्षा विभाग ने नियुक्तियों में पारदर्शिता लाने और अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार देने के लिए चयन प्रणाली में बड़ा सुधार किया है। नई व्यवस्था के तहत अब एक अभ्यर्थी परीक्षा तो एक ही देगा, लेकिन उसका चयन केवल एक ही कक्षा स्तर के लिए अंतिम रूप से किया जाएगा। 

'एक अभ्यर्थी-एक रिजल्ट' नीति से क्या होगा लाभ?

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नीति से योग्य अभ्यर्थियों का दायरा बढ़ेगा और सीटों पर कब्जा करने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी। पहले एक ही मेधावी छात्र का चयन कई स्तरों (प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक) पर हो जाता था, जिससे कई सीटें खाली रह जाती थीं। अब एक सीट पर एक ही उम्मीदवार का चयन होने से वेटिंग लिस्ट वाले हजारों अन्य युवाओं को नियुक्ति का मौका मिल सकेगा। 

44 हजार पदों का कक्षा-वार विवरण

टीआरई-4 के तहत कुल 44,000 शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव है। रिक्तियों का स्पष्ट बंटवारा इस प्रकार किया गया है:

  • कक्षा 1 से 8 तक : लगभग 19,000 पद।

  • कक्षा 9 से 10 तक : लगभग 12,000 पद।

  • कक्षा 11 से 12 तक : लगभग 13,000 पद।

  • मुख्य विषय: सबसे अधिक नियुक्तियां गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और कॉमर्स विषयों में होंगी, जहाँ शिक्षकों की भारी कमी है। 

    महिला आरक्षण और नई शर्तें

इस भर्ती में बिहार की मूल निवासी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। हालांकि, 'एक अभ्यर्थी-एक रिजल्ट' का नियम महिला उम्मीदवारों पर भी पूरी तरह लागू होगा। उन्हें आरक्षण का लाभ तो मिलेगा, लेकिन एक से अधिक कक्षा स्तर पर उनका चयन संभव नहीं होगा, ताकि चयन प्रक्रिया का लाभ समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुँच सके। 

सिस्टम सुधारने की कवायद

बिहार में वर्तमान में लगभग 6 लाख शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करने के लिए अभी भी बड़ी संख्या में बहाली की जरूरत है। पिछले दो वर्षों में टीआरई-1, 2 और 3 के माध्यम से 2.27 लाख शिक्षकों की बहाली हुई है। विभाग का मानना है कि पुरानी व्यवस्था के कारण वास्तविक कमी दूर नहीं हो पा रही थी, जिसे अब नई नीति के जरिए सुधारा जा रहा है। 

BPSC जल्द जारी करेगा अधिसूचना

शिक्षा मंत्री के अनुसार, रोस्टर क्लीयरेंस की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। रोस्टर तैयार होते ही बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) जल्द ही टीआरई-4 की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर देगा। विभाग ने भर्ती की तैयारी तेज कर दी है ताकि समय सीमा के भीतर परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी की जा सके।