सीएम सम्राट का बड़ा ऐलान, बेगूसराय में बनेगा दिनकर विश्वविद्यालय और पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के नाम पर बेगूसराय में विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति दी गई है।
Bihar Cabinet : राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती के अवसर पर बिहार सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। बिहार सरकार के कैबिनेट डैशबोर्ड पर 23 सितंबर 2026 को कैबिनेट निर्णयों का अपडेट उपलब्ध है। वहीं बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय को मंजूरी दी गई है।
बेगूसराय में दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के नाम पर बेगूसराय में विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। विश्वविद्यालय के गठन की प्रक्रिया के तहत पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन समेत अन्य मदों के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इससे पहले 19 जुलाई को बेगूसराय में दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा, शोध, साहित्य और भारतीय चिंतन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा नई पीढ़ी को दिनकर की साहित्यिक और राष्ट्रचेतना की विरासत से जोड़ने का काम करेगा।
पटना में बनेगा मां सीता महिला विश्वविद्यालय
मंत्रिपरिषद ने मां सीता महिला विश्वविद्यालय, पटना की स्थापना को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की गई है। उन्होंने पहले ही कहा था कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय में शीर्ष स्तर से लेकर प्रोफेसर, कर्मचारी और छात्राओं तक महिलाओं की भागीदारी होगी।
शिक्षा के क्षेत्र में दो नए विश्वविद्यालय
दिनकर विश्वविद्यालय और मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिलने के बाद बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दो नए संस्थानों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एक विश्वविद्यालय राष्ट्रकवि दिनकर की साहित्यिक एवं वैचारिक विरासत से जुड़ा होगा, जबकि दूसरा महिला शिक्षा और उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा। इन दोनों विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय प्रावधानों के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।