मुख्यमंत्री ने ठाकुरगंज ग्रिड उपकेंद्र का किया निरीक्षण: सीमांचल के चाय बागानों और उद्योगों को मिलेगी नई ऊर्जा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को किशनगंज के ठाकुरगंज ग्रिड उपकेंद्र का निरीक्षण किया। इस नए ग्रिड से सीमांचल के चाय बागानों और स्थानीय उद्योगों को निर्बाध बिजली मिलेगी, जिससे क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने ठाकुरगंज ग्रिड उपकेंद्र का किया निरीक्षण: सीम

Patna - मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को किशनगंज जिले के ठाकुरगंज स्थित 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेन्द्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड एवं बिहार स्टेट ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार (भा.प्र.से.) ने मुख्यमंत्री को ग्रिड के तकनीकी संचालन और इसके कमांड एरिया की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ग्रिड की कार्यप्रणाली को समझा और सुदूरवर्ती इलाकों में निर्बाध बिजली पहुँचने पर प्रसन्नता व्यक्त की। 

दूरी कम होने से विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार

निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी गई कि इस ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव आया है। पूर्व में ठाकुरगंज और आसपास के क्षेत्रों को किशनगंज ग्रिड से बिजली मिलती थी, जिससे 33 केवी लाइन की लंबाई 50-55 किलोमीटर तक होती थी। अब यह दूरी घटकर मात्र 3 से 15 किलोमीटर के बीच रह गई है, जिससे बिजली की छीजत (Line Loss) कम हुई है और वोल्टेज की समस्या का स्थाई समाधान हो गया है। 

चाय बागानों और किसानों के लिए वरदान साबित होगा उपकेंद्र

प्रबंध निदेशक ने मुख्यमंत्री को बताया कि ठाकुरगंज ग्रिड उपकेंद्र के सक्रिय होने से न केवल आम जनता को निर्बाध बिजली मिलेगी, बल्कि इसका सबसे बड़ा लाभ चाय बागान से जुड़े कृषकों को होगा। किशनगंज और समीपवर्ती क्षेत्रों में उद्योग विस्तार की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें यह ग्रिड नई गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 

भविष्य की योजनाओं और वर्तमान क्षमता पर चर्चा

उल्लेखनीय है कि इस ग्रिड उपकेंद्र का लोकार्पण मुख्यमंत्री द्वारा 6 अक्टूबर 2025 को किया गया था। वर्तमान में इस ग्रिड से ठाकुरगंज ग्रामीण, शहरी और चुरली पी०एस०एस० चार्ज्ड हैं, जिनसे 20 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की जा रही है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि निकट भविष्य में तीन और पी०एस०एस० के जुड़ने से यह आपूर्ति क्षमता बढ़कर 45-50 मेगावाट हो जाएगी, जिससे क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतें पूरी तरह सुरक्षित होंगी। 

वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री डॉ० दिलीप जायसवाल और जिले के प्रभारी मंत्री मो० जमा खान सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव डॉ० बी० राजेन्दर और जिलाधिकारी विशाल राज सहित प्रशासन के आला अधिकारियों ने भी ग्रिड के सुव्यवस्थित संचालन की व्यवस्था का जायजा लिया।