Bihar Politics News: बिहार की सियासत में सीएम की कुर्सी की जंग तेज, कई ने दिल्ली में डाला डेरा, कई ने नागपुर का किया रुख, कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री, पढ़िए

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद सूबे में नई हुकूमत की सूरत-ए-हाल तय मानी जा रही है, मगर सबसे बड़ा सवाल यही हैआख़िर अगला सीएम कौन होगा?

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बिहार की सियासत में सीएम की कुर्सी की जंग तेज- फोटो : social Media

Bihar Politics News:बिहार की सियासत इस वक़्त एक नाज़ुक मोड़ पर खड़ी है, जहां तख़्तो-ताज की बाज़ी खुलकर सामने आ रही है।नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद सूबे में नई हुकूमत की सूरत-ए-हाल तय मानी जा रही है, मगर सबसे बड़ा सवाल यही हैआख़िर अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?

इधर नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के समापन में मशगूल हैं, वहीं उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सियासी ताक़त का इज़हार करते नज़र आ रहे हैं। लेकिन असली हलचल दिल्ली और नागपुर के बंद कमरों में चल रही है, जहां सियासत की नई इबारत लिखी जा रही है।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सारावगी तीन दिनों तक दिल्ली में डेरा डाले रहे, मगर टॉप लीडरशिप से मुलाक़ात के लिए उन्हें मशक़्क़त करनी पड़ी। कहा जा रहा है कि बड़े नेताओं से मिलने का वक़्त मिलना भी इस वक़्त किसी सियासी इम्तिहान से कम नहीं है। हालांकि, उनकी अमित शाह से एक खुफिया मुलाक़ात जरूर हुई, जिसे पूरी तरह पर्दे के पीछे रखा गया न कोई तस्वीर, न कोई आधिकारिक बयान।

उधर, विधानसभा अध्यक्ष और बीजेपी के सीनियर लीडर प्रेम कुमार  नागपुर पहुंचकर संघ मुख्यालय में अहम शख्सियतों से मुलाक़ात कर रहे हैं। आरएसएस के इस गढ़ में हो रही बातचीत को सियासी लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। उनकी मौजूदगी और डॉ. केशव बलिराम हेगड़ेवाड़ की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि ने इन मुलाक़ातों को और भी मायने दे दिए हैं।

बयानबाज़ी में भले एहतियात बरती जा रही हो, लेकिन अंदरखाने सियासी शतरंज की बिसात बिछ चुकी है। फिलहाल हर कोई यही कह रहा है कि जब तक नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ नहीं ले लेते, तब तक कोई बड़ा फैसला नहीं होगा। मगर इसके बाद एनडीए और बीजेपी का केंद्रीय क़यादत मिलकर नया चेहरा तय करेगा।

सियासी गलियारों में ये भी चर्चा है कि क्या इस बार बीजेपी अपना मुख्यमंत्री पेश करेगी या फिर कोई नया समीकरण सामने आएगा? फिलहाल तस्वीर धुंधली है, लेकिन इतना तय है कि बिहार की सियासत एक नए दौर में दाखिल होने वाली है जहां हर चाल बेहद अहम और हर फैसला इतिहास रच सकता है।