बिहार मौसम अपडेट: अगले 48 घंटों में 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, जानें अपने शहर के तापमान का हाल
बिहार में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य में आंशिक बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है ।
Patna - बिहार मौसम सेवा केंद्र (BMSK) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, पूरे राज्य में अगले 48 घंटों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है । इस दौरान मध्यम से तेज हवाएं चलने के आसार हैं, जिनकी रफ्तार 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है । मौसम में यह बदलाव लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दे सकता है, हालांकि धूल भरी हवाओं की संभावना बनी रहेगी ।
तापमान का पूर्वानुमान: 28 से 36 डिग्री के बीच रहेगा पारा
आगामी दो दिनों (24 और 25 मार्च) के लिए तापमान का पूर्वानुमान भी जारी किया गया है । राज्य में दिन का अधिकतम तापमान 28°C से 36°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 17°C से 24°C के दायरे में बना रहेगा । उत्तर-पूर्वी जिलों जैसे किशनगंज और अररिया में तापमान अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है ।
रोहतास रहा सबसे गर्म, पश्चिम चंपारण में रही ठंडक
पिछले 24 घंटों के वास्तविक आंकड़ों पर नजर डालें तो रोहतास जिले का रोहतास ब्लॉक राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.2°C दर्ज किया गया । वहीं, न्यूनतम तापमान के मामले में पश्चिम चंपारण का मधुबनी ब्लॉक सबसे ठंडा रहा, जहां पारा गिरकर 16.2°C तक पहुंच गया । अन्य प्रमुख शहरों में पटना का अधिकतम तापमान 33.7°C और गया का 33.6°C रिकॉर्ड किया गया ।
नेपाल में भूकंप का असर, बिहार में अलर्ट
मौसम के साथ-साथ राज्य में भूकंपीय हलचल भी दर्ज की गई है । 23 मार्च 2026 को शाम 04:57 बजे नेपाल के गुमदेल में 3.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र जमीन से 10 किमी नीचे था । यह केंद्र बिहार की राजधानी पटना से लगभग 280 किमी की दूरी पर स्थित था । हालांकि तीव्रता कम होने के कारण राज्य में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है ।
सावधानी और सुरक्षा के निर्देश
बदलते मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है । विशेष रूप से खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को 40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं से सचेत रहना चाहिए । स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में इस उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, अतः खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।