Bihar E Challan: ई-चालान सर्वर ठप, जनता हलकान! न जुर्माना जमा हो रहा, न विभाग दे रहा जवाब, अब लाइसेंस रद्द होने का बढ़ा खतरा

Bihar E Challan: बिहार में ई-चालान व्यवस्था इन दिनों तकनीकी ख़ामी की वजह से सवालों के घेरे में है। ...

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ई-चालान सर्वर ठप- फोटो : social Media

Bihar E Challan: बिहार में ई-चालान व्यवस्था इन दिनों तकनीकी ख़ामी की वजह से सवालों के घेरे में है। ई-चालान पोर्टल का सर्वर लगातार डाउन रहने से हजारों वाहन मालिक भारी परेशानी और कश्मकश में फंस गए हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग चाहकर भी अपने चालान की राशि जमा नहीं कर पा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर परिवहन विभाग के सख्त नियमों ने उनकी मुसीबत और बढ़ा दी है।

नए प्रावधान के मुताबिक, यदि कोई वाहन मालिक छह महीने के भीतर ई-चालान का भुगतान नहीं करता है, तो उसके वाहन को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इतना ही नहीं, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और संबंधित व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। ऐसे में जिन लोगों की मंशा समय पर जुर्माना भरने की है, वे भी तकनीकी रुकावट के कारण बेबस नजर आ रहे हैं।

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि एक तरफ पुलिस ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिनका ई-चालान लंबित है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी पोर्टल का सर्वर ही काम नहीं कर रहा। यानी वाहन मालिक न तो चालान जमा कर पा रहे हैं और न ही कार्रवाई से बचने का कोई रास्ता उनके पास है। इससे आम लोगों में बेचैनी, नाराज़गी और बेएतबारी बढ़ती जा रही है।

वाहन मालिकों का कहना है कि जब सरकारी पोर्टल ही बंद है, तो फिर देरी का इल्ज़ाम जनता पर क्यों लगाया जा रहा है? लोगों का सवाल है कि अगर सर्वर की तकनीकी ख़राबी के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा, तो क्या इसके बावजूद लाइसेंस रद्द करने या वाहन ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई इंसाफ़ कहलाएगी?

फिलहाल सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरे मामले पर परिवहन विभाग की ओर से कोई स्पष्ट वज़ाहत या आधिकारिक राहनुमाई सामने नहीं आई है। जनता दोराहे पर खड़ी है एक तरफ सर्वर ठप है, दूसरी तरफ कार्रवाई की तलवार लटक रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग कब सर्वर दुरुस्त कर लोगों को राहत देता है और तकनीकी खामी के दौरान लंबित चालानों पर क्या रियायत या वैकल्पिक व्यवस्था लागू करता है।