Patna News: जमीन बेचनी है तो घबराइए नहीं! सरकार खुद खरीदेगी जमीन, मंत्री नीतीश मिश्रा का बड़ा ऐलान, जलजमाव और जर्जर सड़कों पर एक्शन प्लान तैयार

Bihar News:बिहार सरकार ने सैटलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के तहत 7 चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और ट्रांसफर पर लगी रोक के बीच बड़ी राहत दी है।वहीं भी शहरी निकायों को जलजमाव रोकने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।...

Bihar Eases Land Transfer Curbs in Satellite Township Zones
जमीन बेचनी है तो घबराइए नहीं! सरकार खुद खरीदेगी जमीन- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar News: बिहार में सैटलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर लागू जमीन बंदी के बीच राज्य सरकार ने एक अहम और सियासी तौर पर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने सार्वजनिक हित और विकास कार्यों की जरूरतों को देखते हुए उन श्रेणियों को राहत देने का ऐलान किया है, जो अब तक जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक से प्रभावित थीं। इस कदम को सरकार विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर पेश कर रही है।

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जिन भूस्वामियों को किसी वजह से तत्काल धनराशि की आवश्यकता है, उनकी जमीन बिहार राज्य आवास बोर्ड के माध्यम से खरीदी जाएगी। इसके लिए संबंधित लोगों को आवेदन देना होगा और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आवास बोर्ड दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है। सरकार का दावा है कि इससे जमीन मालिकों के हितों की हिफाजत होगी और उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की विकास योजनाओं के लिए यदि जमीन की जरूरत होगी तो ऐसे मामलों में भूमि हस्तांतरण की अनुमति दी जाएगी। साथ ही जिन परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा है, उन्हें भी प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि विकास कार्यों की रफ्तार पर कोई असर न पड़े।

इधर मानसून की दस्तक से पहले शहरी व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार सतर्क नजर आ रही है। नीतीश मिश्रा ने कहा कि सभी नगर निकायों को जलजमाव और बारिश से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग लगातार समीक्षा बैठकों के जरिए हालात पर नजर बनाए हुए है।

पटना समेत कई शहरों की जर्जर सड़कों और जलजमाव के मुद्दे पर मंत्री ने जनता से सीधे संवाद का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लोग सोशल मीडिया के जरिए समस्याओं की जानकारी दें, वे खुद ऐसे मामलों की निगरानी कर रहे हैं और अधिकारियों से जवाब-तलब भी कर रहे हैं।

राजनीतिक हलकों में इस फैसले को सरकार की विकास के साथ विश्वास वाली रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। सरकार एक ओर सैटलाइट टाउनशिप जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहती है, तो दूसरी ओर जमीन मालिकों और आम लोगों की चिंताओं को भी दूर करने का संदेश दे रही है।

रिपोर्ट- हीरेश पाण्डेय