बिहार: 23 जिलों के 129 स्थानों पर लगेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन, BHEL की टीम ने शुरू किया सर्वे

बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 23 जिलों में 129 ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। BHEL की टीम 17 से 20 अगस्त के बीच पटना, गया, नालंदा समेत 72 प्रमुख स्थलों का साइट सर्वे कर रही है।

Bihar EV Charging Station BHEL Site Survey
23 जिलों के 129 स्थानों पर लगेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन,शुरू हुआ सर्वे - फोटो : Reporter

बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और हरित परिवहन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में राज्य के 23 जिलों के 129 चिह्नित लोकेशन पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के पदाधिकारियों की टीम ने बिहार का दौरा कर साइट सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


विश्वेश्वरैया भवन में आयोजित हुई उच्चस्तरीय बैठक 

योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को पटना स्थित विश्वेश्वरैया भवन में परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार, भारी उद्योग मंत्रालय के निदेशक अमरेंद्र किशोर सिंह और BHEL के महाप्रबंधक जे.के. पटनायक की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सर्वे और चार्जिंग स्टेशन स्थापना की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।


17 से 20 अगस्त तक 72 स्थानों का साइट सर्वे

 भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय के समन्वय से BHEL की टीम 17 अगस्त से 20 अगस्त तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में सर्वे करेगी। प्रथम चरण के तहत टीम द्वारा पटना, गया, वैशाली, पूर्णिया, नालंदा और छपरा जिलों में स्थित 72 अलग-अलग प्रमुख लोकेशनों का भौतिक जायजा लिया जा रहा है।


तकनीकी मापदंडों और पावर कनेक्टिविटी का आकलन 

साइट सर्वे के दौरान प्रस्तावित भूखंडों की उपयुक्तता, विद्युत कनेक्टिविटी (पावर सप्लाई), स्थान की उपलब्धता और वाहनों की पहुंच जैसी तकनीकी सुविधाओं का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2000 करोड़ का फंड

 यह पहल केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव (PM E-Drive) योजना का हिस्सा है, जिसे सितंबर 2024 में कुल 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अधिसूचित किया गया था। इस योजना में देश भर में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।


राजमार्गों और शहरी इलाकों पर विशेष केंद्रित नेटवर्क

 राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों और घने शहरी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन बनाने पर मुख्य जोर रहेगा। इससे न केवल लंबी दूरी तय करने वाले ईवी चालकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शहरों में दैनिक आवाजाही करने वाले लोगों के लिए भी चार्जिंग बुनियादी ढांचा सुलभ हो जाएगा।


परिवहन सचिव ने बताया मील का पत्थर 

परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि मजबूत चार्जिंग नेटवर्क का निर्माण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। हाईवे और शहरी क्षेत्रों में स्टेशन बनने से लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों पर भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि साइट सर्वे इस पूरी परियोजना की सफलता के लिए एक अहम पड़ाव है।


जिला स्तर पर अधिकारियों को सहयोग के कड़े निर्देश

सर्वे कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे BHEL की टीम को हर संभव प्रशासनिक और तकनीकी सहायता प्रदान करें। सरकार का लक्ष्य बिहार को जल्द से जल्द स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन प्रणाली से लैस करना है।


बीएचईएल बनी परियोजना की कार्यान्वयन एजेंसी

भारी उद्योग मंत्रालय के निदेशक अमरेंद्र किशोर सिंह के अनुसार, बिहार परिवहन विभाग से 23 शहरों के 129 स्थानों का प्रस्ताव मिला था। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए BHEL को प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटिंग एजेंसी (PIA) नियुक्त किया गया है, जो राज्य में ईवी इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करेगी।