Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर, गंडक-गंगा के तांडव से 6 जिलों में हाहाकार, तटबंधों पर रात-दिन पहरा
Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट अब और विकराल होता जा रहा है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत कई नदियों के उफान ने उत्तर बिहार के बड़े हिस्से में तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। ...
Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट अब और विकराल होता जा रहा है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत कई नदियों के उफान ने उत्तर बिहार के बड़े हिस्से में तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। कई इलाकों में पानी सड़कों, खेतों, गांवों और विद्यालयों तक पहुंच गया है। गंडक के कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण तटबंधों पर जबरदस्त दबाव बना हुआ है। खतरे को देखते हुए प्रभावित तटबंधों की सुरक्षा के लिए विभाग ने रात में विशेष पेट्रोलिंग शुरू कर दी है।
मुजफ्फरपुर में गंडक रेवा घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि कांटी में बूढ़ी गंडक 1.05 मीटर ऊपर बह रही है। समस्तीपुर में गंगा सरारी में खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर है। मोहिउद्दीननगर के कई गांवों और विद्यालयों में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।
गोपालगंज में पूर्वी चंपारण और सारण को जोड़ने वाले राम-जानकी पथ पर तीन फीट से अधिक पानी बह रहा है। फैजुल्लाहपुर से शीतलपुर जमींदारी बांध तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क पानी में डूबी है। पश्चिम चंपारण के गोलाघाट में टूटे चंपारण तटबंध से निकला गंडक का पानी हरपुरवा होते हुए चंद्रावत में फैल रहा है, जिससे बेतिया, बैरिया और नौतन के इलाके प्रभावित हैं।
बघमम्बरपुर में पइन काटे जाने के बाद तेज बहाव के कारण नीमुईया कुंड के पास पुलिया ध्वस्त हो गई। इससे पुजहा-बेतिया मार्ग पर आवागमन ठप हो गया और करीब 50 गांवों का संपर्क कट गया। बैरिया-नौतन में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न है, जबकि फुलियाखांड़ के सामने करीब 20 हजार लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। पूर्वी चंपारण के नवादा में दो फीट और केसरिया के मझरिया, कढ़ान समेत तीन गांवों में करीब पांच फीट तक पानी बताया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सारण में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव बल उतारा जा रहा है। पहले से तैनात एनडीआरएफ की पांच और एसडीआरएफ की तीन टीमों के अलावा विभिन्न जिलों से अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं। बेतिया से एनडीआरएफ की तीन, गोपालगंज से दो, भागलपुर से दो और सुपौल से एक टीम सारण भेजी जा रही है। वहीं मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की चार टीमें पहुंचाई गई हैं। इसके बाद सारण में एनडीआरएफ की कुल 12 और एसडीआरएफ की सात टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं।
सारण के जलमग्न इलाकों में वायुसेना के हेलिकॉप्टर से अब तक 3000 से अधिक राशन पैकेट गिराए जा चुके हैं। शाम तक 5000 और पैकेट पहुंचाए गए। विभिन्न जिलों से कुल 40 हजार राशन पैकेट सारण भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा 75 हजार पॉलिथीन शीट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। आपात स्थिति में मदद के लिए राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क करने की अपील की गई है।