जिस IPS पर लगा शराब बरामदगी मामले में बड़ा आरोप, अब बिहार सरकार ने ही समाप्त कर दी विभागीय कार्रवाई... प्रोन्नति भी मिलेगी
शराब से जुड़े मामले में गया के फतेहपुर में जिले के तत्कालीन एसएसपी आईपीएस आदित्य कुमार पर एफआईआर हुआ था. अब इस मामले में आदित्य कुमार पर चल रही विभागीय कार्रवाई को समाप्त करने का फैसला लिया गया है .. जानिए क्यों
Bihar News : बिहार सरकार ने 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार के खिलाफ चल रही विभागीय कार्यवाही समाप्त कर दी है। गया के तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार पर शराब बरामदगी के गंभीर मामले को हल्के में लेने, अधीनस्थ थाना पदाधिकारियों पर नियंत्रण की कमी और समय-समय पर थानों का निरीक्षण करने जैसी जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। सरकार ने यह फैसला केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट), पटना पीठ के आदेश और महाधिवक्ता की कानूनी सलाह के बाद लिया है।
2022 में शुरू हुई थी विभागीय कार्रवाई
गृह विभाग की ओर से जारी संकल्प के अनुसार, आदित्य कुमार के खिलाफ 12 जुलाई 2022 को विभागीय ज्ञापन जारी कर अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के तहत कार्यवाही शुरू की गई थी। उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना बचाव पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। अधिकारी ने सितंबर 2022 में अपना बचाव-बयान सौंपा, लेकिन विभागीय समीक्षा में आरोपों की स्थिति बदलने वाला कोई ठोस साक्ष्य नहीं पाया गया।
इसके बाद जनवरी 2023 में मुख्य जांच आयुक्त को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया। जांच आयुक्त-सह-प्रधान सचिव ने 31 अक्टूबर 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें आदित्य कुमार के खिलाफ गठित दो आरोपों को प्रमाणित बताया गया। अनुशासनिक प्राधिकार ने भी जांच रिपोर्ट से सहमति जताई थी।
कैट के आदेश के बाद बदला मामला
जांच रिपोर्ट के बाद आदित्य कुमार को अपना लिखित अभ्यावेदन देने के लिए कहा गया था। हालांकि, उन्होंने विभागीय कार्रवाई और जांच रिपोर्ट को चुनौती देते हुए कैट की पटना पीठ में मूल आवेदन दायर किया।
11 अगस्त 2026 को कैट ने विभागीय कार्यवाही और जांच रिपोर्ट को निरस्त मानते हुए निर्देश दिया कि यदि आदित्य कुमार प्रोन्नति के लिए पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें अपने कनीय अधिकारी की तिथि से पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के वेतन स्तर-13ए पर प्रोन्नति और नियमानुसार परिणामी सेवा लाभ दिए जाएं।
महाधिवक्ता ने भी दी आदेश के अनुपालन की सलाह
राज्य सरकार ने कैट के आदेश को चुनौती देने या उसका अनुपालन करने के संबंध में महाधिवक्ता से राय मांगी। महाधिवक्ता ने आदेश को तर्कसंगत बताते हुए पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का आधार नहीं माना और बिना देरी इसके अनुपालन की सलाह दी।
इसके बाद सरकार ने आदित्य कुमार के खिलाफ 2023 में संचालित विभागीय कार्यवाही समाप्त करने का निर्णय लिया। गृह विभाग के संकल्प के अनुसार, अब उनके विरुद्ध यह विभागीय कार्रवाई समाप्त कर दी गई है।