सीमांचल की बंदोबस्ती भूमि पर अवैध कब्जे की होगी उच्च स्तरीय जांच, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का बड़ा ऐलान
सीमांचल के किशनगंज जिले में बंदोबस्ती भूमि पर बाहरी लोगों के अवैध कब्जे की शिकायतों को लेकर बिहार सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने की घोषणा की है।
Patna : बिहार विधानसभा में किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड में बंदोबस्ती भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा कथित अवैध कब्जे का मामला गरमाया रहा। ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल द्वारा लाए गए गैर-सरकारी संकल्प पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सरकार गरीबों की जमीन हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और इसके लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी।
40 साल पुरानी बंदोबस्ती पर कब्जे का आरोप
विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने सदन को बताया कि पिछले 40 वर्षों के दौरान बिहार सरकार, भूदान और लालकार्ड के माध्यम से स्थानीय दलितों, आदिवासियों और गरीब सूरजापुरी मुस्लिम परिवारों को जमीनें आवंटित की गई थीं। विधायक का आरोप है कि बीते 10 वर्षों में पश्चिम बंगाल के मालदा-मुर्शिदाबाद क्षेत्र से आए बाहरी लोगों ने लगभग 90 ऐसी जमीनों पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने मांग की है कि इन जमीनों का भौतिक सत्यापन कर इन्हें अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए, क्योंकि यह समस्या सीमावर्ती सभी जिलों में तेजी से फैल रही है।
सरकार का पक्ष और जांच का आश्वासन
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन में बताया कि किशनगंज जिला समाहर्ता की रिपोर्ट के अनुसार अभी तक बाहरी लोगों द्वारा कब्जे का कोई विशिष्ट मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, उन्होंने नियमों की स्पष्टता देते हुए कहा कि यदि बंदोबस्ती भूमि की अवैध खरीद-बिक्री पाई जाती है, तो जमाबंदी रद्द कर भूमि वापस सरकार के अधीन ले ली जाती है। उपमुख्यमंत्री ने विधायक से ठोस साक्ष्य मांगे हैं और आश्वासन दिया है कि साक्ष्य मिलने पर उच्च स्तरीय कमेटी पूरे मामले की व्यापक जांच करेगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की भी पैनी नजर
विजय कुमार सिन्हा ने यह भी उल्लेख किया कि सीमांचल में भूमि संबंधी विवादों और अवैध कब्जों के विषय को केंद्रीय स्तर पर भी गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल के जिलों में इन विवादों के समाधान और रोकथाम के लिए प्रयासरत हैं, जिसके लिए प्रशासनिक एवं कानूनी स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है।
रिपोर्ट - वंदना शर्मा