बिहार में 10 जून से बाहरी बालू-गिट्टी वाहनों पर लगेगा ट्रांजिट पास, सरकार ने तय किया शुल्क
पड़ोसी राज्यों से बिहार में आने वाले बालू, पत्थर और गिट्टी लदे वाहनों के लिए 'ट्रांजिट पास' लेना अनिवार्य होगा। 10 जून 2026 से लागू होने वाले इस नियम के तहत ₹60 प्रति मीट्रिक टन या ₹85 प्रति घनमीटर का शुल्क तय किया गया है।
पटना: बिहार में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए नीतीश सरकार ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। राज्य के खान एवं भूतत्व विभाग ने पड़ोसी राज्यों से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले बालू, पत्थर और गिट्टी जैसे लघु खनिज लदे वाहनों के लिए अब 'ट्रांजिट पास' (Transit Pass) अनिवार्य कर दिया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह नई व्यवस्था आगामी 10 जून 2026 से पूरे बिहार में पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी, जिसके बाद बिना पास के आने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
10 जून से लागू होगा नया नियम, अधिसूचना जारी
खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह द्वारा 1 जून 2026 को इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना संख्या-04/बी०मु०-20-253/24-3496 जारी कर दी गई है। यह नया आदेश बिहार खनिज नियमावली 2019 के नियम-41 के तहत जारी किया गया है। आपको बता दें कि राज्य मंत्रिपरिषद ने इसी साल 20 फरवरी 2026 को आयोजित अपनी उच्चस्तरीय बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी थी, जिसे अब धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

प्रति टन के हिसाब से देना होगा निर्धारित शुल्क
इस नई व्यवस्था के तहत बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले खनिज लदे ट्रकों और अन्य वाहनों को एक निश्चित सरकारी शुल्क का भुगतान करना होगा। अधिसूचना के मुताबिक, वाहनों पर 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से या फिर 85 रुपये प्रति घनमीटर (Cubic Meter) की दर से—जो भी नियमसंगत रूप से लागू हो—शुल्क तय किया गया है। यह निर्धारित शुल्क चुकाने के बाद ही बाहरी राज्यों के वाहनों को बिहार में प्रवेश के लिए वैध ट्रांजिट पास जारी किया जाएगा।
अवैध परिवहन और राजस्व चोरी रोकने के लिए लिया फैसला
सरकार को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बिहार में बाहर से आने वाले खनिजों की मात्रा और उनके प्रकार की सटीक मॉनिटरिंग के लिए कोई मजबूत अनुश्रवण (Monitoring) सिस्टम नहीं था। इसके कारण पड़ोसी राज्यों से भारी मात्रा में अवैध रूप से बालू-पत्थर लाया जा रहा था और अक्सर एक ही पुराने चालान पर कई-कई बार खनिजों की अवैध ढुलाई की जा रही थी। इस नई पारदर्शी व्यवस्था से न केवल आयातित खनिजों का सही और सटीक आंकड़ा मिलेगा, बल्कि राज्य के राजस्व (Revenue) में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज होगी।
सीमा पर तैनात अधिकारियों को भेजा गया आदेश, दिखेगा सीधा असर
इस ऐतिहासिक आदेश की प्रति वित्त विभाग, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिला पदाधिकारियों (DM), एनआईसी (NIC), उप निदेशक खनिज विकास, खान निरीक्षकों और मंत्रिमंडल सचिवालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। 10 जून से बिहार की सीमा में घुसते ही लघु खनिज लदे ट्रकों को 'सिस्टम इंटीग्रेटर' के ऑनलाइन माध्यम से ट्रांजिट पास लेना होगा। जानकारों का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से बॉर्डर पर ट्रकों की अवैध ढुलाई और करोड़ों रुपये की राजस्व चोरी पर पूरी तरह से रोक लग सकेगी।
रिपोर्ट - धीरज पराशर