नीतीश सरकार के दो मंत्रियों को मिले पर्सनल सेक्रेटरी, नोटिफिकेशन हुआ जारी

हार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो० जमा खान और लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन के लिए नए आप्त सचिवों की नियुक्ति की गई है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

नीतीश सरकार के दो मंत्रियों को मिले पर्सनल सेक्रेटरी, नोटिफि

Patna - बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने राज्य के दो अहम मंत्रियों के लिए नए आप्त सचिवों (Personal Secretaries) की नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। राज्यपाल के आदेश से जारी इस पत्र के अनुसार, मंत्रियों के प्रशासनिक कार्यों में सहयोग और विभागीय गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए इन अधिकारियों की तैनाती की गई है।

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो० जमा खान की नई टीम

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के माननीय मंत्री मो० जमा खान की अनुशंसा के आधार पर डॉ० दिलीप कुमार दास को उनका आप्त सचिव (बाह्य) नियुक्त किया गया है। डॉ० दास पटना के खाजपुरा, आकाशवाणी रोड स्थित मनमोहन प्लेस के निवासी हैं। उनकी यह नियुक्ति 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू की गई है। 

मंत्री संतोष कुमार सुमन को मिले सरकारी आप्त सचिव

लघु जल संसाधन विभाग के माननीय मंत्री संतोष कुमार सुमन की अनुशंसा के आलोक में श्री अनिल कुमार को उनका आप्त सचिव (सरकारी) बनाया गया है। श्री अनिल कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के अधिकारी हैं और उनका कोटि क्रमांक 312/24 है। मूल रूप से नालंदा जिले के रहने वाले श्री कुमार को अविलंब पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है। 

पूरी तरह से अस्थायी हैं ये नियुक्तियां


सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये दोनों नियुक्तियां बिल्कुल अस्थायी प्रकृति की हैं। अधिसूचना के अनुसार, प्रशासन किसी भी समय बिना किसी पूर्व सूचना के इन नियुक्तियों को समाप्त करने का अधिकार रखता है। यह एक मानक प्रक्रिया है जो मंत्रियों के व्यक्तिगत स्टाफ की नियुक्तियों पर लागू होती है। 

सेवा समाप्ति की अनिवार्य शर्तें

इन आप्त सचिवों का कार्यकाल सीधे तौर पर संबंधित मंत्रियों के पद पर बने रहने तक ही सीमित है। यदि माननीय मंत्री अपने पद से त्यागपत्र देते हैं या उन्हें पद से हटाया जाता है, तो आप्त सचिवों की सेवा भी स्वतः समाप्त हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, आप्त सचिव के पद से हटाए जाने की स्थिति में भी उनकी सेवाएं तुरंत खत्म मानी जाएंगी। 

प्रशासनिक रिपोर्टिंग और नियम

सरकारी आप्त सचिव के रूप में नियुक्त श्री अनिल कुमार को निर्देश दिया गया है कि वे इस पद से मुक्त होने के पश्चात सीधे अपने मूल प्रशासी विभाग में योगदान देंगे। उन्हें अपने योगदान की जानकारी अनिवार्य रूप से मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग को देनी होगी। यह नियम सरकारी अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। 

विभागीय कामकाज में आएगी तेजी

इन नई नियुक्तियों के साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण और लघु जल संसाधन विभागों में नई प्रशासनिक ऊर्जा आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि अनुभवी अधिकारियों और सहायकों के आने से मंत्रियों के नीतिगत फैसलों और जनता की शिकायतों के निपटारे में अब और भी अधिक गति आएगी।