Bihar Administration: बिहार सरकार ने सौंपी दो अधिकारियों को कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां, कानून-व्यवस्था पर होगी पैनी नजर

Bihar Administration: बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ...

Bihar Administration: बिहार सरकार ने सौंपी दो अधिकारियों को
दो अधिकारियों को कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां- फोटो : social Media

Bihar Administration:  बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के तहत सीतामढ़ी और मधुबनी जिलों के दो अधिकारियों को कार्यपालक दंडाधिकारी (Executive Magistrate) की शक्तियां प्रदान कर दी गई हैं। सरकार का यह फैसला स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक फैसलों में तेजी लाने, कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा आम लोगों को बेहतर शासन व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।

18 जून 2026 को जारी अधिसूचना संख्या-12/शक्ति प्रो-3201/2026 सा.प्रो-10830 के अनुसार जिला प्रशासन की अनुशंसा पर यह अधिकार प्रदान किए गए हैं। इसके तहत कौशल किशोर नाग, जो वर्तमान में सीतामढ़ी सदर में अवर निर्वाचक पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें सीतामढ़ी सदर अनुमंडल में कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां दी गई हैं। वहीं राज कुमार झा, जो बेनीपट्टी अनुमंडल कार्यालय, मधुबनी में सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी हैं, उन्हें बेनीपट्टी अनुमंडल के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-14 के तहत दोनों अधिकारियों को कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियां प्रदान की गई हैं। साथ ही धारा-163 के अंतर्गत विशेष अधिकार भी दिए गए हैं, जिनके जरिए वे अपने-अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक शांति, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मामलों में आवश्यक आदेश जारी कर सकेंगे।


प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब ये अधिकारी भीड़ नियंत्रण, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, संवेदनशील मामलों की निगरानी और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने में सक्षम होंगे।

सरकार का मानना है कि नई नागरिक सुरक्षा संहिता लागू होने के बाद इस प्रकार की नियुक्तियां प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सशक्त बना रही हैं। इससे न केवल सीतामढ़ी सदर और बेनीपट्टी अनुमंडल में प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आम नागरिकों की शिकायतों और स्थानीय समस्याओं का भी त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। बढ़ी हुई शक्तियों के साथ दोनों अधिकारी अब क्षेत्र में अधिक सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाते नजर आएंगे।