Bihar police news -IPS और बिहार पुलिस के अधिकारियों के लिए 'मिशन कर्मयोगी' अनिवार्य, अब APAR में दर्ज होगा ट्रेनिंग का रिपोर्ट कार्ड

बिहार में IPS अधिकारियों के लिए मिशन कर्मयोगी के तहत डिजिटल कोर्स अनिवार्य कर दिए गए हैं। अब ट्रेनिंग का रिकॉर्ड सीधे उनकी वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) में जुड़ेगा।

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Patna : बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने राज्य संवर्ग के सभी भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों के लिए केंद्र सरकार की डिजिटल लर्निंग पहल "मिशन कर्मयोगी" को अनिवार्य कर दिया है। संयुक्त सचिव प्रकाश रंजन द्वारा पुलिस महानिदेशक (DGP) को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब अधिकारियों की वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रतिवेदन (APAR) में इस प्रशिक्षण के सफल समापन को विशेष रूप से दर्ज किया जाएगा। 

कई पुलिसकर्मी नहीं हुए हैं अपडेट

प्रोफाइल अपडेट न करने पर उठे सवाल केंद्र सरकार के गृह सचिव गोविंद मोहन द्वारा राज्यों को भेजी गई चेतावनी के बाद यह कदम उठाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई पुलिसकर्मी और अधिकारी अब तक iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड नहीं हुए हैं, और जो ऑनबोर्ड हैं, उन्होंने अपनी प्रोफाइल (जैसे ईमेल, फोन नंबर, पदनाम और कैडर की स्थिति) अपडेट नहीं की है। इन कमियों के कारण अधिकारियों को उनके लिए निर्धारित अनिवार्य पाठ्यक्रमों तक पहुंचने में बाधा आ रही है। 

पदोन्नति पर पड़ेगा असर

मूल्यांकन प्रणाली पर पड़ेगा सीधा असर सरकार ने साफ कर दिया है कि मिशन कर्मयोगी के तहत निर्धारित पाठ्यक्रमों और मूल्यांकनों को पूरा करना केवल औपचारिकता नहीं है। अधिकारियों की भविष्य की पदोन्नति और प्रदर्शन मूल्यांकन सीधे तौर पर इस डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से प्राप्त अंकों और प्रमाण पत्रों से जुड़े होंगे। यदि कोई अधिकारी समय-सीमा के भीतर अपनी प्रोफाइल और कोर्स पूरा नहीं करता है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव उनकी वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) पर पड़ेगा। 

सुचारू कार्यान्वयन के निर्देश गृह विभाग ने आईटी प्रबंधक को निर्देश दिया है कि बिहार संवर्ग के सभी अधिकारियों (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति सहित) को ईमेल के माध्यम से इस संबंध में सूचित किया जाए। साथ ही, किसी भी तकनीकी सहायता के लिए मिशन कर्मयोगी की टीम से संपर्क करने का सुझाव दिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों में नागरिक-केंद्रित और योग्यता-आधारित क्षमता का निर्माण करना है।