'गंदी वीडियो देखने' के झूठे आरोप में 30 मिनट में पुलिस भेजने की दी धमकी, युवती से ठगे 98 हजार

'गंदी वीडियो देखने' के झूठे आरोप में 30 मिनट में पुलिस भेजने

पटना जिले के मनेर इलाके में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और खौफनाक तरीका अपनाया है। जालसाजों ने एक स्थानीय युवती को अश्लील (गंदी) वीडियो देखने के फर्जी आरोप में फंसाकर पुलिस केस और जेल भेजने की धमकी दी। साइबर अपराधियों के इस डर और दबाव के खेल में फंसकर युवती अपनी गाढ़ी कमाई के 98 हजार रुपये गंवा बैठी। घटना का अहसास होने के बाद पीड़िता ने पटना साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है।



"30 मिनट में घर पहुंचेगी पुलिस": जेल जाने के डर से घबराई पीड़िता

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत युवती के मोबाइल फोन पर आए कई अज्ञात कॉल्स से हुई। कॉलिंग करने वाले साइबर ठगों ने युवती पर अश्लील वीडियो देखने का गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उसके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज हो चुकी है। ठगों ने उस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हुए धमकी दी कि अगले 30 मिनट के भीतर पुलिस की टीम उसके घर पहुंचेगी और उसे दो साल के लिए जेल भेज दिया जाएगा। अचानक मिले इस कॉल और जेल जाने की धमकी से युवती बुरी तरह सहम गई।



जुर्माने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में ऐंठे 98 हजार रुपये

युवती की इसी घबराहट और डर का फायदा उठाते हुए जालसाजों ने उसे एक कथित राहत का झांसा दिया। ठगों ने कहा कि यदि वह तुरंत सरकारी जुर्माना (Penalty) भर देती है, तो मामला वहीं रफा-दफा कर दिया जाएगा और पुलिस उसके घर नहीं आएगी। साइबर अपराधियों की बातों में आकर डर के मारे युवती ने अलग-अलग यूपीआई ट्रांसफर और किस्तों के जरिए कुल 98 हजार रुपये ऑनलाइन भेज दिए।



और रुपयों की मांग पर खुली पोल, साइबर थाने में दर्ज हुई एफआईआर

भारी भरकम राशि वसूलने के बाद भी साइबर बदमाशों का पेट नहीं भरा और वे लगातार अतिरिक्त रुपयों की मांग करने लगे। बार-बार दबाव बनाए जाने पर युवती को खुद के साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद बिना देर किए पीड़िता साइबर थाने पहुंची और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह डिजिटल अरेस्ट और डराने-धमकाने वाला साइबर फ्रॉड है। पुलिस जिन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया है, उन्हें ट्रैक कर रही है।