Bihar Sports News : 2026 में खेल के क्षेत्र में इतिहास रचने जा रहा बिहार, जानिए क्या है नीतीश सरकार का मास्टर प्लान

Bihar Sports News : 2026 में खेल के क्षेत्र में इतिहास रचने

PATNA :  वर्ष 2025 बिहार के खेल इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में उभरकर सामने आया है। यह वह साल रहा, जिसने राज्य की खेल पहचान को नई दिशा और नई परिभाषा दी। कभी संसाधनों और अवसरों की कमी से जूझने वाला बिहार अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर अपनी क्षमता, तैयारी और आत्मविश्वास का प्रभावी प्रदर्शन कर चुका है। इन्हीं ठोस उपलब्धियों की मजबूत बुनियाद पर नववर्ष 2026 में बिहार का खेल क्षेत्र अब एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक विस्तार की राह पर अग्रसर है।

अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी से मजबूत हुआ बिहार का खेल कद

2025 के दौरान बिहार ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स से लेकर महिला एशियन हॉकी चैंपियनशिप और हीरो एशिया कप जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी की। राजगीर और पटना जैसे खेल केंद्रों में विकसित आधुनिक स्टेडियम, अभ्यास मैदान और सहायक सुविधाओं ने राज्य को एक उभरते हुए स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया। इन आयोजनों ने न केवल बिहार की प्रशासनिक क्षमता को प्रदर्शित किया, बल्कि युवाओं में खेल के प्रति नए उत्साह का संचार भी किया। इस वर्ष खेल विभाग का फोकस केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहा। खेल अकादमियों, प्रशिक्षण शिविरों और प्रतियोगिताओं के ज़रिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। छात्रवृत्ति योजनाओं के विस्तार से लेकर प्रशिक्षण सुविधाओं को मजबूत करने तक, हर स्तर पर यह प्रयास दिखा कि बिहार अब खेल को एक व्यवस्थित और दीर्घकालिक क्षेत्र के रूप में देख रहा है।

सात निश्चय–3 से बदलेगा बिहार का खेल परिदृश्य

अब जब 2026 की ओर कदम बढ़ रहे हैं, तो योजनाएं और भी बड़ी हैं। सात निश्चय योजना-3  के तहत राजधानी पटना में एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सिटी की स्थापना का कार्य शुरू होने जा रहा है। यह स्पोर्ट्स सिटी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण, प्रतियोगिता और खेल विज्ञान की सुविधाओं से लैस होगी, जहां भविष्य के चैंपियन तैयार किए जाएंगे। खेलों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य भर में खेल क्लबों के चुनाव पूरे किए जा रहे हैं। इसके बाद ग्राम पंचायत और नगर पंचायत स्तर पर इन क्लबों का संचालन शुरू होगा, जिससे गांव-कस्बों में छिपी प्रतिभाओं को संगठित मंच मिल सकेगा। यह पहल बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से ग्लोबल मंच तक

खेल प्रतिभाओं को खेल-विशेष और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए सभी नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों में गेम-स्पेसिफिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही, वर्ष 2026 में बिहार में FIH हॉकी प्रो लीग के आयोजन की संभावना राज्य को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित कर सकती है। भविष्य की तैयारी यहीं तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय युवा खेल 2028 के आयोजन को लेकर भी 2026 की शुरुआत से तैयारियां शुरू की जाएंगी। वहीं, खेल छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रेरणा, उत्थान और उत्कर्ष—तीन श्रेणियों में नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक उभरते खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल सके। 

एकलव्य से प्रशासन तक: बिहार के खेल का नया अध्याय

ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए 54 एकलव्य खेल केंद्र नववर्ष 2026 से क्रियाशील होंगे। साथ ही, खेल विभाग में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां भी प्रस्तावित हैं, जिससे प्रशासनिक और प्रशिक्षण तंत्र को और मजबूती मिलेगी। वर्ष 2025 की सफलताओं और 2026 की महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ बिहार खेलों के क्षेत्र में एक नए युग की ओर अग्रसर है। यह केवल पदक या आयोजन की कहानी नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है, जहां अधोसंरचना, प्रतिभा, अवसर और प्रशासन—चारों स्तंभ मिलकर बिहार को खेलों की नई पहचान दे रहे हैं।