Bihar MLC Election: विधान परिषद के 10 सीटों पर नामांकन आज से शुरू, NDA को बड़ा फायदा, महागठबंधन की बढ़ी टेंशन
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की 10 रिक्त सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है।...
Bihar MLC Election: पटना की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बिहार विधान परिषद की 10 रिक्त सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के तहत आज से नामांकन दाखिल करने का सिलसिला शुरू होगा। चुनावी गणित और विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए इस बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, जबकि महागठबंधन के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है।
निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई है। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा। चुनाव परिणाम के बाद बिहार विधान परिषद की नई तस्वीर सामने आएगी।
इन 10 सीटों में एक सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार के त्यागपत्र के बाद रिक्त हुई थी। इस सीट का कार्यकाल 6 मई 2030 तक रहेगा। वहीं शेष 9 सीटों का नियमित चुनाव कराया जाएगा, जिनका कार्यकाल 28 जून 2026 से समाप्त हो रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सीट भी शामिल है। सम्राट चौधरी परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने के बाद विधान परिषद की सदस्यता छोड़ चुके हैं। इसके अलावा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और जदयू नेता श्रीभगवान सिंह कुशवाहा के इस्तीफे से भी सीटें खाली हुई हैं।
विधानसभा कोटे की इन 10 सीटों में पहले पांच सीटें जदयू, दो भाजपा, दो राजद और एक कांग्रेस के खाते में थीं। यानी कुल सात सीटें एनडीए और तीन सीटें महागठबंधन के पास थीं। लेकिन वर्तमान विधानसभा संख्या बल के आधार पर समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार महागठबंधन के लिए एक से अधिक सीट जीतना मुश्किल दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर एनडीए को दो अतिरिक्त सीटों का फायदा मिलने की संभावना है। यही वजह है कि उम्मीदवारों के चयन से लेकर रणनीति निर्माण तक सभी दलों में गहन मंथन जारी है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद कौन-कौन से चेहरे मैदान में उतरते हैं और विधान परिषद की इस सियासी जंग में किस गठबंधन का पलड़ा भारी साबित होता है।
ब्यूरो रिपोर्ट