Bihar MLC Election:अनंत सिंह के बाद BJP नेता हरिवंश पासवान बागी, बंशीधर ब्रजवासी के लिए मांग रहे वोट

Bihar MLC Election: बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है।...

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अनंत सिंह के बाद BJP नेता हरिवंश पासवान बागी- फोटो : reporter

Bihar MLC Election: बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी बीच एनडीए गठबंधन की मुश्किलें बढ़ाने वाली एक और तस्वीर सामने आई है। मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के बाद अब भाजपा नेता हरिवंश पासवान ने भी पार्टी लाइन से हटकर निर्दलीय प्रत्याशी और वर्तमान तिरहुत स्नातक क्षेत्र के एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। उनके इस कदम से बिहार की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है।

दरअसल, बिहार में 23 अक्टूबर को एमएलसी चुनाव होना है। इसे लेकर एनडीए, विपक्ष, जन सुराज और निर्दलीय प्रत्याशी अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए ने जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा को अपना समर्थित उम्मीदवार बनाया है। वहीं, वर्तमान एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में हैं और मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में लगे हैं।

इसी क्रम में बंशीधर ब्रजवासी जब हाजीपुर में चुनाव प्रचार करने पहुंचे, तो उनके साथ भाजपा के दलित प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष हरिवंश पासवान भी नजर आए। भाजपा का झंडा और बोर्ड लगी गाड़ी से पहुंचे हरिवंश पासवान ने निर्दलीय प्रत्याशी की चुनावी सभा में हिस्सा लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने भगवा गमछा छोड़कर पीला गमछा धारण किया और खुले तौर पर बंशीधर ब्रजवासी के पक्ष में लोगों से वोट देने की अपील की। भाजपा नेता का यह कदम गठबंधन के भीतर बगावत के रूप में देखा जा रहा है।जब हरिवंश पासवान से एनडीए के समर्थित उम्मीदवार अभिषेक झा को छोड़कर निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन करने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। पासवान का दावा है कि अभिषेक झा जाति के आधार पर भेदभाव करते हैं और दलितों तथा अति पिछड़े वर्ग के लोगों को उचित तवज्जो नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक झा अपने ही जाति के लोगों के साथ कार्यक्रम करते हैं और उन्हीं के बीच लिफाफे भिजवाते हैं। हालांकि, ये आरोप हरिवंश पासवान की ओर से लगाए गए हैं।

हरिवंश पासवान ने साफ लहजे में कहा कि वह फिलहाल भाजपा में हैं, लेकिन अगर पार्टी उन्हें निष्कासित भी कर देती है, तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “जैसे अनंत सिंह हैं, वैसे ही हम भी हैं। पार्टी हमें निकाल भी देगी, तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। नुकसान पार्टी का ही होगा। हमारे वोट से विधायक और मंत्री पैदा होते हैं।”पासवान के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इससे पहले अनंत सिंह द्वारा पार्टी और गठबंधन की पसंद से अलग प्रत्याशी को समर्थन देने की चर्चा सुर्खियों में रही थी। अब हरिवंश पासवान ने भी उसी राह पर चलते हुए बंशीधर ब्रजवासी के समर्थन का ऐलान किया है।चुनाव से ठीक पहले भाजपा नेता की यह बगावत एनडीए के लिए कितनी चुनौती बनेगी और तिरहुत क्षेत्र में मतदाताओं पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, बिहार की सियासत में इस बगावती तेवर ने एमएलसी चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार