Bihar MLC Election 2026: बिहार MLC चुनाव से पहले आधी रात एक्शन, राजद प्रत्याशी के घर पहुंची पुलिस, तेजस्वी बोले— RJD डरने वाली नहीं

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है।...

Bihar MLC Election 2026: बिहार MLC चुनाव से पहले आधी रात एक्
आधी रात पुलिस की दस्तक, चुनाव से पहले गरमाई सियासत- फोटो : News4Nation

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव के आवास पर पुलिस पहुंचने का मामला सामने आया। इस घटनाक्रम का वीडियो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया और सरकार पर तीखा हमला बोला। तेजस्वी ने साफ लहजे में कहा कि राजद के नेता और कार्यकर्ता पुलिस की ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। वहीं, डॉ. संजीव ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ पहुंची थी।

आधी रात पुलिस की दस्तक, चुनाव से पहले गरमाई सियासत

तेजस्वी यादव द्वारा साझा किए गए वीडियो में पुलिस अधिकारी आवास के गेट पर मौजूद लोगों से कहते सुनाई देते हैं कि सूचना मिली है कि घर पर बाहर से चार-पांच लोग आए हुए हैं, जो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। इस पर सामने से जवाब दिया जाता है कि यह फर्जी खबर है और इसे सरकार की हताशा बताया जाता है।वीडियो को लेकर राजद की ओर से सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, पुलिस के पहुंचने के पीछे की परिस्थितियों और कार्रवाई के कानूनी आधार को लेकर संबंधित पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

तेजस्वी का सरकार पर तीखा हमला

तेजस्वी यादव ने वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री के आपराधिक चरित्र को लेकर टिप्पणी की और आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों के दबाव में पुलिस का रवैया भी बदल गया है।तेजस्वी ने दावा किया कि शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन से पहले राजद उम्मीदवार के आवास पर बिना सर्च वारंट के रात में पुलिस भेजकर उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव, राजद के नेता और कार्यकर्ता ऐसी कार्रवाई से भयभीत नहीं होंगे।अपने पोस्ट में तेजस्वी ने सरकार को निशाने पर लेते हुए लिखा कि वह अब भी गलतफहमी में है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी कटाक्ष किया और बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार पर हमला बोला।

डॉ. संजीव का दावा— गिरफ्तारी के लिए पहुंची STF

दूसरी ओर, डॉ. संजीव ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उनके आवास पर एसटीएफ पहुंची थी और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके मुताबिक न कोई कारण बताया गया, न किसी केस या मुकदमे की जानकारी दी गई, तो पुलिस उनके घर क्यों पहुंची?फिलहाल, डॉ. संजीव और तेजस्वी यादव के आरोपों तथा पुलिस के पहुंचने की वजह को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखा जाना जरूरी है। पुलिस की ओर से कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आठ सीटें, 150 उम्मीदवार और 5.32 लाख मतदाताओं की निगाहें

बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए कुल 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन सीटों पर 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं। मतदान से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है।अब निगाहें मतदान प्रक्रिया के साथ-साथ इस बात पर भी टिकी हैं कि पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन क्या स्पष्टीकरण देता है। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था और निष्पक्षता को लेकर सभी पक्षों की जवाबदेही अहम बनी हुई है।

ब्यूरो रिपोर्ट