बिहार में 676 किमी नए हाईवे इस साल होंगे शुरू, 13,667 करोड़ रुपये की लागत से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
बिहार में इस साल 676 किमी हाईवे का निर्माण पूरा होगा। 13,667 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इन सड़कों से राजधानी पटना तक की यात्रा और आसान होगी। जानिए पूरी जानकारी।

Bihar Road Project: बिहार में इस साल 676 किलोमीटर लंबाई में नए राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) चालू किए जाएंगे। इनका निर्माण 13,667 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। ये सड़कें न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएंगी बल्कि 2027 तक बिहार के सुदूर इलाकों से राजधानी पटना तक चार घंटे में पहुंचने के लक्ष्य को भी साकार करने में मदद करेंगी।
प्रमुख हाईवे प्रोजेक्ट और उनकी स्थिति
बिहार के विभिन्न हिस्सों में कई हाईवे प्रोजेक्ट तेज़ी से पूरे किए जा रहे हैं। इनमें फोरलेन, सिक्सलेन, एलिवेटेड सड़कें और नए पुल शामिल हैं।
बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन और गंगा सिक्सलेन पुल
बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन NH – 44.60 किमी, 879 करोड़ रुपये, 31 मई 2025 तक तैयार
गंगा नदी पर सिक्सलेन पुल और औटा-सिमरिया फोरलेन NH – 8.15 किमी, 1161 करोड़ रुपये, 31 मई 2025 तक पूरा होगा
पटना-गया-डोभी फोरलेन सड़क
लंबाई: 127.22 किमी
लागत: 5,519 करोड़ रुपये
समाप्ति लक्ष्य: 30 जून, 2025
पटना शहर में नई सड़कें
सरिस्ताबाद-नाथूपुर सड़क – 3.91 किमी, 96.78 करोड़ रुपये, 31 दिसंबर 2025 तक पूरा होगा
गोपालगंज शहर में फोरलेन एलिवेटेड कॉरिडोर
लंबाई: 2.75 किमी
लागत: 185 करोड़ रुपये
समाप्ति लक्ष्य: 31 मई, 2025
वाराणसी-औरंगाबाद सिक्सलेन हाईवे
लंबाई: 179.78 किमी
लागत: 2,848 करोड़ रुपये
समाप्ति लक्ष्य: 31 दिसंबर, 2025
औरंगाबाद-चौरदाहा सिक्सलेन हाईवे
लंबाई: 40 किमी
लागत: 552.55 करोड़ रुपये
समाप्ति लक्ष्य: 31 दिसंबर, 2025
बेगूसराय में फोरलेन एलिवेटेड सड़क
लंबाई: 4.26 किमी
लागत: 256 करोड़ रुपये
समाप्ति लक्ष्य: 31 दिसंबर, 2025
दो लेन और फोरलेन सड़कें भी बनेंगी
मझौली-चोरहट NH – 58.66 किमी, 537 करोड़ रुपये, 30 जून 2025 तक पूरा होगा
एनएच-227F चोरमा-बैरगिनिया – 34.57 किमी, 393.11 करोड़ रुपये, 31 दिसंबर 2025 तक पूरा होगा
एनएच-30 फोरलेन पररिया-मोहनिया – 60.80 किमी, 690 करोड़ रुपये, 31 मई 2025 तक तैयार होगा
इन सड़कों से बिहार को क्या फायदा होगा?
पटना तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे बिहार के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से राजधानी तक की यात्रा आसान होगी।यातायात जाम से राहत मिलेगी, खासकर शहरों में बनने वाली एलिवेटेड और फोरलेन सड़कों से।आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि हाईवे निर्माण से बिहार के औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को तेज़ विकास मिलेगा।यात्रा का समय घटेगा, जिससे लोग कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, क्योंकि नई सड़कें अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाई जा रही हैं।
676 किलोमीटर लंबी सड़कें बनकर तैयार
बिहार में इस साल 676 किलोमीटर लंबी सड़कें बनकर तैयार होंगी, जिससे यातायात सुगम होगा और प्रदेश की प्रगति को नया आयाम मिलेगा। इन हाईवे प्रोजेक्ट्स से न सिर्फ पटना तक पहुंचने में आसानी होगी बल्कि बिहार का पूरा बुनियादी ढांचा भी मज़बूत होगा।