Patna heatwave: पटना में भीषण गर्मी के बीच प्रशासन अलर्ट, बेघरों के लिए बने 15 आश्रय स्थल, 400 जगहों पर शुरू हुए प्याऊ
Patna heatwave: भीषण गर्मी से राहत के लिए जिला प्रशासन ने 400 जगहों पर प्याऊ और 15 आश्रय स्थल शुरू किए। ग्रामीण इलाकों में पानी सप्लाई और चापाकल मरम्मत भी जारी।
Patna heatwave: पटना जिले में बढ़ती उमस भरी गर्मी और तेज धूप से लोगों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर जिले के 17 नगर निकायों और 26 अंचलों में 400 जगहों पर प्याऊ शुरू किए गए हैं।इन प्याऊ को चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाया गया है ताकि राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों और दुकानदारों को दिनभर ठंडा और साफ पेयजल मिल सके।
गर्मी से बचाव के लिए प्रशासन ने 15 आश्रय स्थल भी शुरू किए हैं। यहां लोगों को ठंडा पानी, छाया और आराम करने की सुविधा दी जा रही है। खासकर धूप में काम करने वाले मजदूरों और बेघर लोगों के लिए यह व्यवस्था की गई है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में कहीं भी पेयजल की कमी न हो। आम लोगों को गर्मी से राहत देना प्रशासन की प्राथमिकता है।प्रशासन ने पशुओं के लिए भी व्यवस्था की है। जिले में 12 जगहों पर जानवरों को पानी पिलाने की सुविधा शुरू की गई है।
ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या
ग्रामीण इलाकों में भी पानी की समस्या को देखते हुए विशेष निगरानी की जा रही है। पीएचईडी विभाग ने 46 चलंत चापाकल मरम्मत दल तैनात किए हैं। ये टीमें खराब हैंडपंपों को तुरंत ठीक करने का काम कर रही हैं।स्कूलों और दूसरे जरूरी सार्वजनिक स्थानों के चापाकलों की मरम्मत के लिए लोक स्वास्थ्य प्रमंडल पूर्वी और पश्चिमी में अलग-अलग दल बनाए गए हैं।प्रशासन ने शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल पूर्वी के लिए 0612-2225796 और पश्चिमी प्रमंडल के लिए 0612-2280879 नंबर जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना
सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक लोग इन नंबरों पर चापाकल खराब होने, हर घर नल का जल योजना, पंचायती राज विभाग की जलापूर्ति योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।नगर क्षेत्रों में भी अधिकारियों को सार्वजनिक जगहों पर चापाकल चालू रखने और पर्याप्त प्याऊ लगाने के निर्देश दिए गए हैं।जहां भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है या चापाकल कम हैं, वहां आपदा प्रबंधन विभाग टैंकरों से पानी पहुंचा रहा है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में बेहतर पेयजल व्यवस्था
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों, स्कूलों, हाट-बाजारों, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी बेहतर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उप विकास आयुक्त को जिले में पेयजल व्यवस्था की लगातार निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।