बिहार में मुफ्त बिजली का सोलर फॉर्मूला, 125 यूनिट के बाद की बिजली सरकार लेगी, बिल घटेगा, जानिए पूरा प्लान
Bihar Solar Energy:बिहार सरकार अब हर महीने दी जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली के साथ सौर ऊर्जा को जोड़कर नया मॉडल तैयार कर रही है।
Patna:बिहार सरकार अब हर महीने दी जा रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली के साथ सौर ऊर्जा को जोड़कर नया मॉडल तैयार कर रही है। सरकार की योजना है कि जिन 1.67 करोड़ घरों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है, उनकी छतों पर चरणबद्ध तरीके से सोलर पैनल लगाए जाएं। इससे घर बिजली का इस्तेमाल करने के साथ-साथ उसका उत्पादन भी करेंगे। योजना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।सरकार की रणनीति के मुताबिक पहले चरण में करीब दो लाख घरों, दूसरे चरण में 50 लाख घरों और तीसरे चरण में बाकी सभी पात्र घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने की योजना है। घर में सोलर से जितनी बिजली बनेगी, उसमें से निर्धारित 125 यूनिट के बराबर बिजली का समायोजन करने के बाद अतिरिक्त उत्पादन को ग्रिड में भेजा जाएगा और उसका हिसाब सरकार की व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।
मुफ्त बिजली पर हर साल 23 हजार करोड़ का खर्च
बिहार सरकार हर परिवार को 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने पर सालाना करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। सौर ऊर्जा के जरिए स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ने से बिजली खरीद पर होने वाले खर्च में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य बिहार में सौर ऊर्जा से करीब 4,000 मेगावाट बिजली उत्पादन का है। वर्तमान में राज्य में करीब 500-600 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन हो रहा है।सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी भवनों और आम लोगों के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं। अब तक करीब 12-13 हजार सरकारी इमारतों और 20 हजार से अधिक निजी घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए जाने की जानकारी है।
PM सूर्य घर योजना से लाखों परिवार जुड़ेंगे
केंद्र की PM सूर्य घर योजना के तहत पहले चरण में बिहार में करीब 5 लाख घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगले दो वर्षों में करीब 50 लाख परिवारों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने की योजना है। तीसरे चरण में बाकी घरों को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है।
सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से क्षमता और पात्रता के आधार पर 30 हजार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जाती है। सब्सिडी के बाद बची राशि उपभोक्ता को वहन करनी होती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बिहार सरकार कम ब्याज दर पर बैंक ऋण उपलब्ध कराने में मदद कर रही है।सरकार की योजना के तहत 2.5 लाख से अधिक कुटीर ज्योति (BPL) उपभोक्ताओं के घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट मुफ्त लगाने की तैयारी है। केंद्र से मिलने वाली सब्सिडी के बाद बची राशि बिहार सरकार वहन करेगी।
सोलर से घर रोशन, अतिरिक्त बिजली ग्रिड में
रूफटॉप सोलर का फायदा उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भी दिखाई देने लगा है। ऐसे घरों में एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और पंखे जैसे उपकरण चलने के बावजूद सोलर सिस्टम से पैदा होने वाली बिजली का एक हिस्सा अतिरिक्त बच सकता है। गर्मी के दिनों में एक उपभोक्ता का सिस्टम करीब 20 यूनिट प्रतिदिन तक बिजली पैदा कर सकता है, जबकि वर्तमान मौसम में उत्पादन करीब 15 यूनिट प्रतिदिन बताया गया है। हालांकि उत्पादन धूप और मौसम पर निर्भर करता है।
व्यवस्था के तहत दिन में सोलर से बनी बिजली पहले घर में इस्तेमाल होगी। जरूरत से ज्यादा बिजली ग्रिड में चली जाएगी, जिसका हिसाब उपभोक्ता के खाते में जुड़ेगा। रात में या बादल रहने की स्थिति में जरूरत की बिजली ग्रिड से मिलेगी। यानी सोलर पैनल से घर की बिजली जरूरत पूरी होने के साथ अतिरिक्त उत्पादन का भी इस्तेमाल होगा।सरकार का मानना है कि इस मॉडल से एक ओर उपभोक्ताओं का बिजली बिल कम होगा और बचत बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर मुफ्त बिजली पर सरकारी खजाने का बोझ घटाने और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।