Bihar Police Training 2026: राजगीर पुलिस अकादमी में 112 अधिकारियों की ट्रेनिंग,पटना के इन SDPO और DSP का बदला प्रभार

बिहार पुलिस मुख्यालय ने 56वीं-59वीं बैच के 112 BPS अधिकारियों के लिए राजगीर पुलिस अकादमी में अनिवार्य प्रशिक्षण का आदेश जारी।इस दौरान कामकाज न प्रभावित हो, इसके लिए पटना सिटी SDPO, बाढ़, सचिवालय और साइबर DSP समेत कई पदों पर नए अधिकारियों को प्रभार .

BPS Officers Training 2026
बिहार पुलिस के 112 BPS अफसरों की राजगीर अकादमी में अनिवार्य ट्रेनिंग- फोटो : Reporter

बिहार पुलिस मुख्यालय (कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग) ने प्रशासनिक कार्यकुशलता और अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षता में सुधार के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। बिहार पुलिस सेवा (BPS) के 56वीं से 59वीं बैच (2018 की सीधी नियुक्ति) के कुल 112 पुलिस पदाधिकारियों को 'अनिवार्य सेवाकालीन प्रशिक्षण-1' के लिए नामांकित किया गया है। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 अगस्त 2026 से बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में आयोजित किया जाएगा।


काम-काज सुचारू रखने के लिए प्रतिस्थानी (Relievers) तैनात

मुख्यालय ने आदेश जारी करते समय यह सुनिश्चित किया है कि अधिकारियों के प्रशिक्षण पर जाने के कारण आम जनता के कार्यों या कानून-व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। दैनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी 112 अधिकारियों की प्रशिक्षण अवधि के दौरान कार्यभार संभालने वाले प्रतिस्थानी (Reliever) अधिकारियों की सूची भी साथ ही जारी कर दी गई है। इससे संबंधित अनुमंडलों और विभागों में प्रशासनिक गतिविधियां बिना रुकावट चलती रहेंगी।

पटना और प्रमुख जिलों के SDPO व DSP का बदला प्रभार

इस आदेश का सीधा असर राजधानी पटना और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों पर पड़ेगा। पटना सिटी SDPO-1 श्री शिव शंकर कुमार की जगह श्री राज किशोर सिंह (मुंगेर), बाढ़ SDPO-1 श्री राम कृष्णा की जगह श्री आयुष श्रीवास्तव और सचिवालय SDPO-2 श्री साकेत कुमार के स्थान पर श्रीमती अनु कुमारी ज़िम्मेदारी संभालेंगी। इसके अलावा पालीगंज, फुलवारी शरीफ, पटना यातायात DSP (श्री अनिल कुमार) और साइबर क्राइम DSP (श्री संजीत कुमार प्रभात) के पदों पर भी प्रशिक्षण अवधि तक अस्थायी प्रतिस्थानी तैनात किए गए हैं।


आधुनिक पुलिसिंग और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में कदम

प्रशासनिक विश्लेषकों के अनुसार, 2018 बैच के इन अधिकारियों का यह प्रशिक्षण आधुनिक अपराध अनुसंधान, तकनीकी जांच और प्रशासनिक प्रबंधन क्षमता को बढ़ाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। बिहार पुलिस मुख्यालय का यह निर्णय राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग से जुड़ी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।