अमित शाह ने बिहार पुलिस को किया सम्मानित, DGP विनय कुमार को मिला राष्ट्रीय सम्मान

देश को नक्सलवाद से मुक्त बनाने के अभियान में बेहतर काम करने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस महानिदेशक विनय कुमार और बिहार पुलिस के अधिकारियों/जवानों को सम्मानित किया।

Bihar Police Awarded by Amit Shah
DGP विनय कुमार को नक्सल उन्मूलन अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए गृह मंत्री ने किया सम्मानित - फोटो : Reporter

बिहार को पूरी तरह से नक्सल मुक्त बनाने में असाधारण योगदान के लिए बिहार पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित बादल अकादमी में आयोजित “उजर बस्तर” कार्यक्रम के दौरान यह गौरवपूर्ण सम्मान प्रदान किया। इस विशेष अवसर पर बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार के साथ-साथ बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जांबाज अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

सफल अभियानों और सुरक्षा मॉडल को मिली पहचान 

बिहार पुलिस को यह प्रतिष्ठित सम्मान नक्सल प्रभावित जिलों और खासकर झारखंड सीमा से सटे इलाकों में चलाए गए सफल 'एंटी नक्सल ऑपरेशन्स' के लिए मिला है। सुरक्षा बलों ने दुर्गम और अत्यंत कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर नक्सलियों के हौसले पस्त किए हैं। इसके साथ ही, इस सफलता के पीछे पुलिस का मजबूत खुफिया (इंटेलिजेंस) नेटवर्क, प्रभावी अंतरराज्यीय समन्वय और सुरक्षा के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों के उत्थान पर केंद्रित 'विकास आधारित पुलिसिंग मॉडल' को जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू करना रहा है।

एसटीएफ की रणनीतिक कार्रवाई और अंतरराज्यीय तालमेल

पिछले कुछ वर्षों में बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और एंटी नक्सल ऑपरेशन इकाइयों ने बेहद रणनीतिक और साहसिक अभियानों को अंजाम दिया है। इन ऑपरेशन्स के जरिए न केवल नक्सली गतिविधियों पर लगाम कसी गई, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क पर भी तगड़ा प्रहार किया गया। सीमावर्ती इलाकों में पड़ोसी राज्यों झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ मिलकर चलाए गए संयुक्त अभियानों से राज्यों के आपसी समन्वय और सुरक्षा ग्रिड को एक नई मजबूती मिली है।

आधुनिक तकनीक का प्रहार और नागरिकों में बढ़ता भरोसा 

कठिन परिस्थितियों के बावजूद बिहार पुलिस की इस विशेष टीम ने आधुनिक तकनीक और सटीक खुफिया जानकारी के दम पर नक्सली संगठनों के मूवमेंट और उनके रसद (लॉजिस्टिक) नेटवर्क को पूरी तरह से कमजोर कर दिया। इन सुनियोजित और निरंतर अभियानों का ही सुखद परिणाम है कि आज बिहार के पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद हुई है। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों के भीतर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है, बल्कि वहां विकास के लिए एक अनुकूल वातावरण भी तैयार हुआ है।